13 सेक्टरों से निकलने वाला गंदा पानी आगरा नहर के स्थान पर एसटीपी पर पहुंचाया जाएगा
13 करोड़ की योजना से सीवेज सिस्टम में होगा बदलाव
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के पुराने इलाकों में हर बरसात में उफनती सीवर लाइनें और सड़कों पर फैलती गंदगी अब अतीत की बात बनने की ओर बढ़ रही है। नगर निगम ने ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए खेड़ी पुल से मिर्जापुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक 1800 एमएम की मास्टर सीवर लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दे दी है। करीब 12.94 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 13 सेक्टरों से निकलने वाला गंदा पानी आगरा नहर के स्थान पर एसटीपी पर पहुंचाया जाएगा।
यह लाइन आगरा कैनाल के साथ-साथ बिछाई जाएगी और शहर के कई सेक्टरों के सीवेज को सीधे एसटीपी तक पहुंचाएगी। इस परियोजना की खास बात यह है कि इससे बड़ी मात्रा में गंदे पानी को शोधित कर दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा जिससे शहर के जल प्रबंधन में बड़ा बदलाव आएगा। वहीं अब खेती, ग्रीन बेल्ट व उद्योगों के लिए 25 एमएलडी अधिक पानी मिल सकेगा।
फरीदाबाद के सेक्टर-7 से लेकर सेक्टर-19 और ओल्ड फरीदाबाद के कई हिस्सों में वर्षों से सीवेज ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। मौजूदा पाइप लाइनें क्षमता से अधिक दबाव झेल रही हैं जिसके चलते गंदा पानी सड़कों और गलियों में भर जाता है। बरसात के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं जब सीवर का पानी घरों के बाहर तक पहुंच जाता है। अभी तक यह पानी सीधे आगरा कैनाल में भी जा रहा था, जिससे प्रदूषण बढ़ने के साथ लोगों को बदबू व बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
1800 एमएम की मास्टर लाइन बदलेगी पूरा ड्रेनेज नेटवर्क
नई प्रस्तावित लाइन को मास्टर ड्रेनेज के तौर पर डिजाइन किया गया है। 1800 एमएम की यह पाइप लाइन बड़ी मात्रा में सीवेज को एक साथ वहन करने में सक्षम होगी। यह लाइन सेक्टर 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19 के साथ ओल्ड फरीदाबाद के कुछ हिस्से से निकलने वाले सीवर के पानी को सीधा एसटीपी प्लांट से जोड़ेगी। जिससे इन इलाकों का सीवेज सीधे मिर्जापुर एसटीपी तक पहुंचेगा और बीच में कहीं भी ओवरफ्लो की समस्या नहीं होगी।
45 से बढ़कर 70 एमएलडी पानी होगा शोधित
इस परियोजना का सबसे बड़ा असर शहर के पानी प्रबंधन पर पड़ेगा। अभी मिर्जापुर एसटीपी पर करीब 45 एमएलडी पानी ही शोधित हो पा रहा है। नई मास्टर लाइन के चालू होने के बाद इन सेक्टरों से निकलने वाला अतिरिक्त 25 एमएलडी सीवेज सीधे प्लांट तक पहुंचेगा। इससे कुल शोधित क्षमता बढ़कर करीब 70 एमएलडी हो जाएगी। प्लांट की कुल डिजाइन क्षमता 80 एमएलडी है यानी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी पर्याप्त गुंजाइश रहेगी। नगर निगम ने इस परियोजना को 12 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
आगरा कैनाल से एसटीपी तक मास्टर सीवर लाइन का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इससे शोधित होने वाले पानी की मात्रा में बड़ा इजाफा होगा।-नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम