संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव मच्छगर के रहने वाले मेजर सतेंद्र धनखड़ को उनके अदम्य साहस के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया। उनको सम्मान मिलने पर परिवार के साथ गांव के लोगों के अलावा पूरे जिले में खुशी की लहर है।
मेजर सतेंद्र धनखड़ के पिता सुरेश चन्द का साल 2016 में देहांत हो गया था। उनके पिता नगर निगम फरीदाबाद में कार्यरत थे। वह तीन भाई हैं। जिसमें वो सबसे छोटे हैं। बड़े भाई जितेंद्र धनखड़ सेक्टर-12 कोर्ट में अधिवक्ता हैं। वहीं दूसरा भाई धर्मेंद्र नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
साल 2024 में बने आर्मी में मेजर: मेजर सतेंद्र का जन्म 21 अगस्त 1990 में गांव मच्छगर में हुआ। 19 साल की उम्र में इंडियन आर्मी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। साल 2014 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून से लेफ्टिनेंट कमीशन हुए। जिसके बाद वह 2018 में वहां से पास आउट हो गए। 2018 में उनको रेजिमेंट 20 लांसर्स/ 4 राष्ट्रीय राइफल्स में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल किया गया। इसके बाद 2020 में उनको कैप्टन, साल 2024 में उनको आर्मी में मेजर बना दिया गया। इस दौरान उनकी पोस्टिंग बीकानेर, बाड़मेर, जम्मू कश्मीर में रही।