संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा की अदालत ने आरोपी शरवण की दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि पीड़ित ने आरोपी की पहचान भले ही नहीं की, लेकिन उसने घटना का पूरा विवरण बयान किया है और पुलिस के मुताबिक लूटा गया मोबाइल आरोपी के घर से उसकी निशानदेही पर बरामद हुआ था।
सात अप्रैल को सेक्टर-31 थाने में दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता ललन मंडल ने बताया था कि एनएचपीसी चौक के पास चार युवकों ने उसे रोककर मारपीट की और उसकी स्कूटी, मोबाइल फोन व चार हजार रुपये छीनकर भाग गए था। मामले में शरवण को 20 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि शिकायत में आरोपी का नाम नहीं था और सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने भी उसकी पहचान नहीं की। वहीं अभियोजन ने बताया कि आरोपी और सहआरोपी प्रिंस कुमार की निशानदेही पर शिकायतकर्ता का मोबाइल आरोपी के घर से बरामद हुआ था।
अदालत ने कहा कि पिछली जमानत याचिका सात सितंबर को खारिज हो चुकी है। पीड़ित की पहचान न करने के बावजूद घटना का स्पष्ट बयान और मोबाइल की कथित बरामदगी आरोपी को इस स्तर पर जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि प्राथमिकी में रात 11:50 बजे सूचना मिलने का उल्लेख है, इसलिए धारा 309(4) बीएनएस प्रथमदृष्टया बनती है। आरोपी के खिलाफ एक अन्य समान मामले का भी रिकॉर्ड है। मुकदमे में केवल औपचारिक गवाहों की गवाही शेष होने और सुनवाई तेजी से चलने के कारण अदालत ने देरी की दलील भी स्वीकार नहीं की गई।