फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: लंबी कतारें और दवाइयों की कमी से मरीज परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
भीड़ से बेहाल ईएसआईसी अस्पताल
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी


फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी से स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में आ गई हैं। ओपीडी और इमरजेंसी विभागों में लंबी कतारें लगने से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दवाइयों की कमी और सीमित स्टाफ के चलते हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई मरीजों को इलाज के लिए पूरा दिन अस्पताल में ही बिताना पड़ रहा है।



सुबह से ही अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। मरीजों ने बताया कि जल्दी पहुंचने के बावजूद उन्हें दोपहर तक डॉक्टर को दिखाने का मौका मिल रहा है। इलाज के लिए अस्पताल आए राजेश कुमार ने बताया कि वह सुबह 8 बजे से लाइन में खड़े रहे, लेकिन दोपहर दो बजे तक भी उनकी बारी नहीं आई। वहीं दवा काउंटर पर भी स्थिति चिंताजनक बनी रही। अस्पताल में इलाज कराने आए सुनील ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा लेने में ही दो से तीन घंटे लग गए।
विज्ञापन



वहीं, मरीज सरिता देवी ने बताया कि उन्हें अपने बच्चे के इलाज के लिए कई बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि छोटे बच्चों के साथ घंटों इंतजार करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि यहां सुविधाएं तो हैं, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने से दिक्कत भी ज्यादा है।


इस संबंध में मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डीन डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय ने कहा कि मौसम में बदलाव और मौसमी बीमारियों के बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। दवाइयों की आपूर्ति सुधारने और स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विज्ञापन


इतनी भीड़ है कि बैठने की जगह तक नहीं मिल रही है। मजबूरी में जमीन पर बैठना पड़ रहा है।-राजेश

डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा लेने में ही दो से तीन घंटे लग गए। मुझे कुछ जरूरी दवाइयां भी नहीं मिलीं।-सुनील

भीड़ इतनी ज्यादा है कि छोटे बच्चों के साथ इंतजार करना मुश्किल हो रहा है। -सरिता
वर्जन


अस्पताल में कभी-कभी भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक होती है। हालांकि अतिरिक्त भीड़ के लिए पहले से ही इंतजाम किए गए हैं। दवाइयों की कमी न हो, इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। हालांकि कभी-कभी कुछ दवाएं खत्म हो जाती हैं, उनकी जानकारी अपडेट होते ही हम आपूर्ति करा देते हैं।-डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय, डीन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें