18 किमी लंबी ग्रीन बेल्ट को संवारने पर खर्च होंगे 26 करोड़
- फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने तैयार किया मास्टर प्लान
- सेक्टर-37 से 59 तक मियावाकी तकनीक से विकसित होगा सघन वन क्षेत्र
- ओपन जिम और साइकिल ट्रैक की भी मिलेगी सुविधा
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी की हवा में घुले प्रदूषण के जहर को कम करने और शहर के पर्यावरण को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने कार्ययोजना तैयार की है। दिल्ली सीमा से सटे सेक्टर-37 से शुरू होकर सेक्टर-59 तक जाने वाली 18 किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट का अब पूरी तरह से कायाकल्प किया जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा नहर के बीच स्थित इस लंबी पट्टी में हरियाली लगाने के साथ यहां शहरवासियों के लिए मनोरंजन और सेहत की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 26.40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस पूरी बेल्ट में जापानी मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल कर सघन वन विकसित किए जाएंगे जो सामान्य पेड़ों की तुलना में दस गुना तेजी से बढ़ते हैं। बीते 23 दिसंबर को दिशा की बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री और प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद एफएमडीए ने इसका विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर लिया है। साइट निरीक्षण के दौरान चिह्नित किए गए अतिक्रमणों को हटाने के बाद अब इस जमीन को फरीदाबाद के नए ऑक्सीजन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
एचएसवीपी से एफएमडीए को सौंपा गया है क्षेत्र
इस 18 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच को एचएसवीपी से एफएमडीए को हस्तांतरित कर दिया गया है। प्रोजेक्ट के तहत सुरक्षा के लिए टो-वॉल लगाई जाएगी इसमें पूरी लंबाई में दोनों तरफ भारी ग्रिल वाली टो-वॉल बनाई जाएगी ताकि भविष्य में कोई अतिक्रमण न हो सके और आवारा पशु पौधों को नुकसान न पहुंचाएं। प्रकृति प्रेमियों के लिए कच्चा और पक्का नेचर ट्रेल बनाया जाएगा। इसके साथ ही साइकिलिंग ट्रैक की भी सुविधा होगी। बेल्ट के विभिन्न हिस्सों में ओपन जिम स्थापित किए जाएंगे और बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक झूले व उपकरण लगाए जाएंगे।
आर्ट और मूर्तियां से बदलेगा दृश्य
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट ग्रीन कॉरिडोर के टी-जंक्शन पर विशेष थीम-आधारित कलाकृतियां और मूर्तियां लगाई जाएंगी, जो शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाएंगी। एफएमडीए ने इस परियोजना को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है।
26.40 करोड़ रुपये का अलग-अलग होगा इस्तेमाल
एफएमडीए ने कार्य शुरू करने से पहले हर कार्य को एस्टीमेट तैयार कर लिया है। इसमें कुल 26.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे इसमें से 8 करोड़ रुपये से इस पूरी बेल्ट में भारी ग्रिल वाली टो-वॉल का निर्माण किया जाएगा। वहीं 6 करोड़ रुपये से नेचर ट्रेल, साइकिलिंग ट्रैक और बैठने की जगह पर खर्च किए जाएंगे। वहींं यहां पर बनाए जाने वाले ओपन जिम में तीन करोड़ रुपये की लागत आएगी। वहीं मियावाकी पैटर्न और सघन पौधरोपण में कुल 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा लाइटिंग, थीम गेटवे, मूर्तियां और जन सुविधाएं के लिए 2.60 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
पर्यावरण के साथ रियल एस्टेट को मिलेगी मजबूती
यह प्रोजेक्ट फरीदाबाद के भविष्य के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इसके पूरा होने के बाद कई स्तर पर लाभ होंगे। इसमें 18 किलोमीटर लंबे सघन वन क्षेत्र से शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार होगा। वहीं मियावाकी वन धूल के कणों को सोखने में बेहद प्रभावी होते हैं। इसका लाभ भी प्रदूषण को कम करने में मिलेगा। थीम-बेस्ड एंट्री गेट और कलाकृतियों के कारण यह क्षेत्र एक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभरेगा। रात के समय विशेष लाइटिंग से एक्सप्रेसवे का नजारा बेहद आधुनिक दिखेगा। वहीं सेक्टर-37 से 59 के बीच स्थित रिहायशी सोसाइटियों और औद्योगिक इकाइयों को इस ग्रीन बेल्ट का सीधा लाभ मिलेगा। जिससे इस क्षेत्र की रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ेगी।
जिले को संवारने के लिए नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार की तरफ से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। - कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल