प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, सरकारी खजाने पर बढ़ रहा बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा । मोहना अनाज मंडी परिसर में दिन के समय भी बड़ी-बड़ी हाई मास्ट लाइटें जलती रहती हैं। दिन के उजाले में लाइटें जलने से बिजली की अनावश्यक खपत हो रही है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। मंडी परिसर में लगी लाइटों का दिन में जलना मंडी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
मंडी में बिजली की खपत का खर्च सरकारी व्यवस्था के तहत वहन किया जाता है। ऐसे में दिन के समय लाइटें जलती रहने से बिजली की बर्बादी के साथ सरकारी धन का भी नुकसान होता है। यदि लाइटों को आवश्यकता के अनुसार ही संचालित किया जाए तो बिजली की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है।
मंडी सचिव ऋषि कुमार ने बताया कि मंडी परिसर में लाइटों की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। रिपेयरिंग के दौरान लाइटों को जांचने के लिए जलाया गया है। काम पूरा होने के बाद दिन में लाइटें जलने की स्थिति नहीं रहेगी।