फरीदाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग और सप्लाई में भारी अंतर आया है। जिले में रोजाना 160 लाख यूनिट बिजली की मांग है, जबकि सप्लाई केवल 130-135 लाख यूनिट हो रही है। इस कारण बिजली की अवैध कटौती शुरू हो गई है। कटौती संबंधी बिजली निगम के पास रोजाना करीब 500 शिकायतें पहुंच रही हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में रोज चार से पांच घंटे बिजली कटौती से लोगों के पसीने छूट रहे हैं। इससे लोग काफी परेशान है।
बिजली निगम की ओर से हर साल गर्मियों में बेहतर बिजली सप्लाई देने के दावे किए जाते हैं। इसके लिए सर्दियों में पांच से छह घंटे बिजली कटौती कर विशेष मरम्मत अभियान चलाया गया था। पुरानी लाइनों को बदलने के साथ ओवरलोड फीडरों का लोड कम करने के लिए नए फीडर बनाए गए। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों का लोड नए ट्रांसफार्मर लगाकर दो भागों में बांटा गया, जिससे गर्मी में लोगों को बिजली कटौती न झेलनी पड़े। इस अभियान पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन गर्मी शुरू होते हुए निगम के सभी दावे फेल हो गए। सोमवार को एनआईटी पांच, करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। इसी तरह मंगलवार को एनआईटी एक, तीन, सेक्टर-7, 9, राजीव कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, गांव भूपानी, ओल्ड फरीदाबाद, सराय ख्वाजा, गांव ददसिया, चंदावली, सरूरपुर इत्यादि क्षेत्रों में तीन-तीन घंटों के अंतराल में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। घरों में कूलर, पंखे, फ्रीज न चलने से लोगों का जीना दुश्वार हो गया। ऐसे में बिजली कटौती की शिकायतों को लेकर दिनभर कंट्रोल रूम के फोन खड़कते रहे। इसके अलावा मांग और सप्लाई में अंतर आने की एक वजह बिजली चोरी भी है। खासकर अवैध कॉलोनी में बिजली चोरी की शिकायतें सबसे ज्यादा है। हालांकि बिजली निगम की ओर से छापा मारी अभियान चलाया जाता है। इसके बावजूद चोरियों पर लगाम नहीं लग रही है।
जिले में बिजली की मांग और सप्लाई में कोई अंतर नहीं है। सप्लाई बेहतर चल रही है। जिन इलाकों में समस्या है। वहां नए ट्रांसफार्मर लगाकर लोड को दो भागों में बांटा जा रहा है। जल्द वहां भी समस्या खत्म हो जाएगी।
कुलदीप अत्री, कार्यकारी अभियंता, बल्लभगढ़ डिवीजन