एसडीएम को ज्ञापन देकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। शहर में बंदरों के आतंक के कारण आमजन काफी परेशान हैं। शहर की विभिन्न कॉलोनियों, बाज़ार, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, सड़क मार्ग, स्कूल आदि में बंदरों का आतंक व्याप्त है, तो वहीं लघु सचिवालय भी बंदरों के आतंक से अछूता नहीं है। तहसील परिसर व न्यायिक परिसर में पूरा दिन बंदरों को लेकर गहमागहमी बनी रहती है।
उत्पाती बंदर आए दिन अधिवक्ताओं के आवश्यक दस्तावेज़ ले जाते हैं तो वहीं उपभोक्ताओं, अधिवक्ताओं पर हमला कर घायल कर देते हैं। बुधवार को बंदरों के आतंक से परेशान अधिवक्ताओं ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की और एसडीएम बैलीना लोहान को ज्ञापन देकर बंदरों को पकड़वाकर किसी अन्य स्थान पर छुड़वाने की मांग की।
हड़ताल के दौरान बार एसोसिएशन के प्रधान कपिल सौरौत, अधिवक्ता लाखाराम सौरौत, अमर सिंह सौरौत, सुरेश सौरौत, शिवराम सौरौत, सुनील बेनीवाल, विनय बंसल, दिनेश शर्मा, नीरज तिवारी, देवीराम तिवारी, प्रीतपाल बेनीवाल, सतीश सौरौत, इंद्रजीत शर्मा, गिर्राज शर्मा, भूप सिंह सौरौत, कृष्ण कुमार, प्रह्लाद पाहिल आदि ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि अदालत परिसर में अधिवक्ताओं, आने-जाने वाले मुवक्किलों और अधिकारियों पर बंदरों द्वारा हमला कर दिया जाता है।
बंदरों के आतंक के कारण अधिवक्ताओं का अपनी सीटों पर बैठना दूभर हो रहा है। न्यायिक परिसर में चार-पांच दर्जन से अधिक बंदर पूरा दिन पेड़ों पर बैठकर हमला करते रहते हैं।
प्रधान कपिल सोरौत ने बताया कि कई मुवक्किलों, बार कर्मचारियों, अदालत के कर्मचारियों व वकील साथियों पर बंदरों द्वारा जानलेवा हमले किए जा चुके हैं। इस मामले में पहले भी कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने बैठक की और एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करने पर सहमति बनी। अधिवक्ताओं ने अदालत, एसडीएम कार्यालय और तहसीलदार कार्यालय का कामकाज ठप रखा। अधिवक्ताओं ने बताया कि प्रशासन द्वारा अगर एक सप्ताह में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो दोबारा से हड़ताल की जाएगी।