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बेचैनी में बीती रात, सुबह तोड़फोड़ टलने से मिली राहत

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फरीदाबाद। दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर वन क्षेत्र और नगर निगम की जमीन पर बसी खोरी कॉलोनी में तोड़फोड़ के आदेश के बाद मंगलवार को बेचैनी में लोगों की रात कटी, हालांकि बुधवार सुबह तोड़फोड़ की कार्रवाई टलने की सूचना मिलने के बाद लोगों ने राहत सांस ली। इसके बावजूद आशियाना उजड़ने की सूचना के बाद से ही लोग घरों में ही दुबके रहे। उधर कार्रवाई के डर से कुछ लोगों ने अपने कीमती सामनों को सुरक्षित जगह शिफ्ट करना शुरू कर दिया। तोड़फोड़ से पहले खोरी गांव के लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है।
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मंगलवार को नगर निगम प्रशासन ने गांव खोरी में मुनादी करवाकर लोगों को अपने मकान खुद खाली करने के आदेश दिए थे। इसके लिए बाकायदा गांव में नोटिस भी लगा दिए गए हैं। इसके साथ ही बुधवार को भारी तोड़फोड़ के लिए प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर अधिकारियों को नियुक्त कर दिया गया था। गांव को खाली करने के लिए मुनादी शुरू करवा दी गई। पुलिस ने लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर लोगों को जल्द से जल्द मकानों को खाली करने के आदेेश दिए। नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा 48 घंटे में लिए गए इस बड़े फैसले से गांव खोरी वासियों में अफरातफरी मच गई। लोग अपने घरों के कीमती सामनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने लगे। वहीं कई लोगों ने अपने घरों को छोड़कर कहीं नहीं जाने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जीवनभर की पूंजी मकान बनाने में लगाई है इसलिए वह अपने घरों को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। उच्चतम न्यायालय का आदेश होने के कारण लोगों की रात की नींद उड़ गई। लोग रात भर इस डर से सोए नहीं कि सुबह मकान टूटने के बाद वह कहां जाएंगे। कोरोना महामारी में लोग जल्द मकान किराये पर भी नहीं दे रहे। जो पैसे थे वह भी बीमारी में खत्म हो गए, ऐसे में वह कहां जाएंगे।
10 हजार मकान तोड़ने की आशंका
सोमवार को ही सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी कर गांव खोरी की जमीन पर बने मकानों को हटाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार 10 हजार मकान को तोड़ने के आदेश दिए गए है। नगर निगम के अनुसार कोर्ट ने जवाब देने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। ऐसे में धीरे धीरे मकानों को तोड़ा जाएगा।
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वैकल्पिक जगह की व्यवस्था करे सरकार
गांव खोरी वासियों का कहना है कि सरकार तोड़फोड़ से पहले उनके लिए वैकल्पिक जगह की व्यवस्था करे। कॉलोनी की संघर्ष समिति ने तोड़फोड़ को रोकने की मांग की थी जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इस कॉलोनी में अधिकतर गरीब तबके के लोग रहते हैं। इन लोगों ने माफिया के चंगुल में फंसकर यह जमीन खरीद ली और उस पर अपने मकान बना लिए।
भूमाफिया पर भी कार्रवाई की मांग
तोड़फोड़ के आदेश आने के बाद लोगों ने कहा कि अगर उनके मकानों पर कार्रवाई हुई तो भूमाफिया को भी नहीं छोड़ेंगे। स्थानीय निवासी रिजवान अली ने बताया कि हमारी सरकार से मांग है कि भूमाफिया पर भी कार्रवाई की जाए, क्योंकि उन्होंने ही लोगों को चुंगल में फंसाकर जमीन बेची है। तोड़फोड़ होने के बाद भी यहां पर लगातार कब्जे होते रहे हैं। सोमवती ने बताया कि खोरी कॉलोनी के अलावा भी अरावली में कई जगह ऐसी हैं, जहां वन क्षेत्र में भूमाफिया ने प्लाटिंग की हुई है। ऐसे में वहां कार्रवाई की जाए।
उच्च न्यायालय ने गांव खोरी में अवैध कब्जों को हटाने के लिए छह हफ्तों का समय दिया है। इसके लिए नए सिरे से कार्य योजना बनाई जा रही है। सभी विभागों के सहयोग से जल्द तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
- डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त
ड्रोन से सर्वे शुरू, गतिविधियों पर नजर
फरीदाबाद। गांव खोरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत बुधवार को गांव में ड्रोन से सर्वे शुरू किया गया है। पुलिस अधिकारी गांव में मौका मुआयना कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है जिससे कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की घटना से आसानी से निपटा जा सके।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर अरावली वन क्षेत्र में बसे गांव खोरी में भारी तोड़फोड़ की जानी है। सोमवार को आए आदेश के बाद नगर निगम ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए बुधवार को तोड़फोड़ निश्चित की थी। हालांकि तोड़फोड़ से पहले जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रशासन ने बैठक की और फैसला लिया गया कि बिना जानकारी गांव में दाखिल होना खतरे से खाली नहीं। ऐसे में अब तय किया गया कि सर्वे के बाद सभी जानकारी जुटाकर ही तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया जाए। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से बैठक कर यह निर्णय लिया।
बुधवार को तीनों इकाइयों की ओर से सेक्टर-12 में प्रेस वार्ता कर बताया गया कि तैयारी पूरी करने के लिए कुछ वक्त चाहिए। नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अनुपालना में लकड़पुर गांव की राजस्व संपदा के अंतर्गत ग्राम खोरी में अवैध कब्जाधारकों को हटाने के लिए छह सप्ताह का समय है। न्यायालय के आदेशों की पूरी तरह अनुपालना की जाएगी। इससे पहले पूरे क्षेत्र का ड्रोन से सर्वे करवाया जाएगा और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आदेश के बाद सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। बुधवार से पुलिस ने गांव में डेरा डाल लिया है। लोगों को घर खाली करने के लिए कहा जा रहा है।
उपायुक्त यशपाल ने कहा कि इस कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस सहित सभी विभाग पूर्ण तालमेल के साथ कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र का पूरा डाटा सर्वे करवा कर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसके पश्चात ठीक समय पर यह निर्णय लिया जाएगा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किस दिन की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास छह सप्ताह का समय है और इस अवधि में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों की हम पूरी तरह अनुपालना करेंगे।
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