54 लोगों से आरोपियों ने लिए रुपये, तिगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शस्त्र लाइसेंस बनवाने और हथियार दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी लाइसेंस बनवाया। इसके बाद इसी लाइसेंस पर हथियार भी मुहैया करवा दिया। फर्जी लाइसेंस का पता चलने पर पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। तिगांव थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को पीड़ित की शिकायत के आधार पर ओमबीर, राजेश कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव जाजरू निवासी मनीष डागर ने सहायक पुलिस आयुक्त तिगांव को दी शिकायत में बताया कि 2015 से उसका छोटा भाई कुलवंत डागर भारतीय सेना में कार्यरत है और वर्तमान में उसकी तैनाती पठानकोट, पंजाब में है। चचेरे भाई नवीन डागर ने दोनों की ओमबीर निवासी फतेहपुर बिल्लौच से मुलाकात कराई, जिसने खुद को सेना में कार्यरत बताया।
आरोप है कि ओमबीर ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने और हथियार दिलाने का वादा किया। ओमबीर ने कहा कि वह हथियार न्यू पंजाब गन हाउस, फाजिल्का पंजाब से उपलब्ध करवा देगा। इसके बाद कुलवंत डागर ने ओमबीर के खाते में दो किस्तों में 95 हजार रुपये ट्रांसफर किए। पहली किस्त 4 नवंबर 2025 को 50 हजार रुपये और दूसरी किस्त 3 मार्च 2026 को 45 हजार रुपये भेजी गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ओमबीर ने कुलवंत के दस्तावेज लेकर फर्जी तरीके से लाइसेंस तैयार करवाया और राजेश कुमार निवासी न्यू तहसील कॉम्प्लेक्स, पुराना अबोहर रोड, फाजिल्का पंजाब के माध्यम से हथियार उपलब्ध करवाया। मनीष डागर का आरोप है कि इसी प्रकार 5-6 अन्य लोगों के भी पंजाब से लाइसेंस बनवाए गए हैं, जबकि करीब 54 लोगों से असला लाइसेंस बनवाने के नाम पर पैसे लिए गए हैं। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि यह पूरा काम फर्जी तरीके से किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि थाना तिगांव ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तिगांव थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर बृहस्पतिवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।