कम वजन, सांस लेने में दिक्कत और खून की कमी की हो रही समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गर्भवती महिलाओं के खानपान पर ध्यान नहीं देने से नवजात शिशुओं में अधिक समस्या देखी जा रही है। महिलाओं में पोषण की कमी का सीधा असर शिशुओं पर पड़ रहा है। इसके चलते नवजात शिशुओं को नीकू वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। शिशुओं में कई समस्याएं देखी जा रही है। जिसमें कम वजन, सांस लेने में दिक्कत, खून की कमी, कुछ अंगों का सही से विकास न होना आदि शामिल है।
बीके अस्पताल में प्रतिमाह करीब 250 डिलीवरी की जा जाती हैं। इनमें से 25 प्रतिशत महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी के केस सामने आते हैं। महिलाओं के सिजेरियन डिलीवरी के केस लगातार बढ़ रहे हैं। बीके अस्पताल के नीकू वार्ड में महीने में 60 से अधिक शिशु पहुंचते हैं। इसके अलावा बाहर के अस्पतालों से भी महीने में लगभग 10 शिशु यहां आते हैं। इससे यह पता लगता है कि बच्चे कितने कमजोर पैदा हो रहे हैं।
बीके अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा ने बताया कि अस्पताल में एक दिन में लगभग 7 से 8 बच्चे जन्म लेते हैं। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अपना खास ख्याल रखना चाहिए, जिससे डिलीवरी के बाद उनका बच्चा स्वस्थ और तंदरुस्त पैदा हो।
अस्पताल की ओर से किया जाता है जागरूक
उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओर से बच्चों के प्रति महिलाओं को जागरूक किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ बच्चे के लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए। निजी अस्पताल में डायटीशियन अवंतिका मजूमदार ने बताया कि गर्भवती महिलाएं अपने खान पान पर कम ध्यान देती हैं, जिससे जन्म के बाद बच्चों में कई समस्याएं देखने को मिलती हैं। गर्भवती महिलाओं को अपने आहार में फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन (दाल, अंडा, मांस, दूध और दही के अलावा अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स) और स्वस्थ चीजों को शामिल करना चाहिए। जिससे बच्चा स्वस्थ पैदा हो और जच्चा भी स्वस्थ रहे।