फरीदाबाद। गांव खोरी में तोड़फोड़ को लेकर स्थानीय लोग डरे और सहमे हुए है। अनेक लोग घर के कीमती सामनों को दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे हैं, लेकिन अपनी जमीन छोड़कर कोई भी जाने के लिए तैयार नहीं है। गांव में पहरे को लेकर पुलिस से ज्यादा स्थानीय लोग अलर्ट है। वे सुबह, दोपहर और शाम की शिफ्ट में पहरा दे रहे हैं।
अरावली में करीब 10 हजार मकान बने हुए है। जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हटाने के आदेश दिए। कोर्ट का आदेश है कि हरियाणा सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगम पुलिस प्रशासन के सहयोग से गांव में तोड़फोड़ कर जगह खाली करवाए और यहां फिर से जंगल बनाया जाए। ऐसे में प्रशासन ने तोड़फोड़ की तैयारियां पूरी कर ली हैं। उधर स्थानीय निवासी उस्मान अली ने बताया कि उन्हें मजबूरी में दिल्ली लाल कुआं में किराये पर मकान लेना पड़ा। लेकिन सुबह-शाम घर का कोई न कोई सदस्य यहां आकर रहता जरूर है। डोली, संगीता देवी ने बताया कि उन्हें दो दिन पहले ही घर का कीमती सामना दूसरी जगह शिफ्ट किया है। दिन में वह यहां रहती है। रात में माता-पिता रहने के लिए आते है। जिससे की जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन पर नजर रख सके। शहनाज खान ने कहा कि हमने अब सामान शिफ्ट किया है। घर के सभी सदस्य यहीं रह रहे है।
दूसरी तरफ जिला प्रशासन तोड़फोड़ को लेकर गांव में लगातार मनादी करवा रहा है। लोगों को स्वंय घर खाली करने के लिए कहा जा रहा है। इसके बाद पुलिस कर्मी लोगों से घर खाली करने की अपील कर रहे है। सोमवार को पुलिस प्रशासन ने गांव में फ्लैग मार्च निकाला। लेकिन घर खाली करके गए लोगों में कोई न कोई व्यक्ति मकान में जरूर रहता है। गांव में लोगों दिनरात पुलिस प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों पर नजर बनाए हुए हैं।