संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगों ने एक निजी कंपनी में कार्यकारी सचिव के पद पर कार्यरत व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करके 2.60 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित के फोन नंबर से अश्लील फोटो, मैसेज और कई अन्य अपराधों में इस्तेमाल होने का डर दिखाया गया था। जब पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी का अहसास हुआ तो साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। उसकी शिकायत पर साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पुलिस को शिकायत देकर इकरार अहमद ने बताया कि वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले हैं। फरीदाबाद में एक निजी कंपनी में कार्यकारी सचिव पद पर कार्यरत हैं। उनके पास 14 अक्टूबर को एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनका फोन बंद हो जाएगा। क्योंकि उनके आधार कार्ड पर एक नया नंबर लिया गया है। उससे दूसरे लोगों को अश्लील मैसेज किए जा रहे हैं। फिर आरोपियों ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर बात करते हुए कहा कि उनके आधार से नरेश गोयल नामक व्यक्ति ने मनी लॉन्ड्रिंग के 20 लाख रुपये केनरा बैंक के अकाउंट में डाले हैं। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को अन्य तरह के अपराध का भी डर दिखाया। उसके बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल फर्जी एडीजी को ट्रांसफर कर दी। उस फर्जी एडीजी ने एक बेवसाइट को केस नंबर डाल कर खोला। उसमें ईडी रिपोर्ट के साथ आधार कार्ड और फोटो पीड़ित की लगी थी।
उस पर सस्पेक्ट लिखा था। फिर आरोपियों ने सभी खाता नंबर के आखिरी अंक पूछे। उसके बाद बताया कि ये केस नेशनल सुरक्षा से जुड़ा है। ये किसी को बताना नहीं है। उसने वीडियो कॉल पर कमरे में चारों तरफ देखा। उसके बाद बताया कि आपकी जान को नरेश गोयल के आदमियों से खतरा है। इसलिए वह हर दो घंटे बाद आई एम सेफ सर लिख कर मैसेज करते रहें। साथ ही सोने से पहले और सुबह उठने के बाद मैसेज करें। उसके बाद अगले दिन आरोपियों ने जांच शुरू की और वेरिफिकेशन के लिए पैसे ट्रांसफर करने को कहा। आरोपियों ने डर दिखाकर पीड़ित के खाते से अपने खाते में दो लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जो 24 घंटे में वापस खाते में आने का आरोपियों ने वादा किया था। लेकिन खाते में रुपये वापस नहीं आएं। तो पीड़ित को साथ में साइबर ठगी होने का अहसास हुआ। उसके बाद साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। उसकी प्राथमिक जांच के बाद साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।