फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: रीवा में साध्वियों की मौत पर जैन समाज में आक्रोश

विज्ञापन
रीवा में साध्वियों की मौत पर जैन समाज में आक्रोश, फरीदाबाद में रोष मार्च निकाला। स्रोत- मार्च आ - फोटो : अ​धिवक्ता संघ द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में मौजूद विधायक श्रावस्ती रामफेरन पांडेय व अन्य।
विज्ञापन
जैन समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर रोष मार्च निकाला
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। रीवा जिले में पद-विहार कर रही जैन साध्वियों को एक तेज रफ्तार वाहन की ओर से टक्कर मार दिए जाने की घटना को लेकर जैन समाज में देशभर में आक्रोश है। इस हादसे में दो साध्वियों की मौत हो गई, जबकि एक साध्वी गंभीर रूप से घायल बताई जा रही हैं।

घटना के विरोध में बुधवार को फरीदाबाद में जैन समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर रोष मार्च निकाला और जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कानून बनाए जाने की मांग की गई।
विज्ञापन



जैन समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि रीवा में सड़क किनारे पद-विहार कर रही तीन साध्वियों को एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारी थी। उनका आरोप है कि यह केवल सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं हो सकती, बल्कि मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन


समाज का कहना है कि जैन साधु-साध्वियां अहिंसक जीवन जीते हैं और पैदल ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक पद-विहार करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान जरूरी हैं। ज्ञापन में केंद्र सरकार से राष्ट्रीय संत सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग की गई है। इसके अलावा पद-विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन, सुरक्षित पैदल मार्ग, सुरक्षा प्रकोष्ठ और आपातकालीन सहायता व्यवस्था लागू करने की भी अपील की गई है। जैन समाज ने कहा कि साध्वियों की मृत्यु से समाज में गहरा दुख और आक्रोश है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें