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Faridabad News: पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को खोजना नहीं आसान

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औद्योगिक नगरी में काम की तलाश में आते हैं लोग, स्कूल में लिखवा देने हैं बच्चों के नाम
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काम नहीं मिलने पर चले जाते हैं दूसरे शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में इस समय पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों की पहचान करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को खोज रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों के स्कूल छोड़ने का कारण भी जान रहे हैं। शिक्षकों के लिए ड्राॅप आउट बच्चों को खोजने में मुश्किल हो रही है।

फरीदाबाद एक औद्यौगिक क्षेत्र है, जहां कामकाजी लोग अधिक रहते हैं। इनमें ज्यादातर लोग बाहर के ही हैं। ऐसे अभिभावक काम की तलाश में शहर आते हैं। फिर अपने बच्चों का नाम किसी राजकीय विद्यालय में लिखवाते हैं, लेकिन फिर काम की तलाश में दूसरे शहर में पलायन कर जाते हैं। अब अभिभावकों के बच्चों को खोजना शिक्षकों के लिए आसान काम नहीं है। ज्यादातर अभिभावक अपनी जगह और मोबाइल नंबर दोनों ही बदल चुके हैं। इसकी वजह से शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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अभी तक 500 से अधिक बच्चों की पहचान

स्कूल छोड़ चुके बच्चों को खोजने का यह अभियान एक जनवरी से नौ जनवरी तक चलाया जाएगा। सर्वे के तहत अब तक जिले में 500 से अधिक बच्चों की पहचान हो चुकी है। इसके तहत 31 शिक्षक गांव-गांव जाकर सर्वेक्षण कर रहे हैं। सर्वे के बाद इसे 15 जनवरी तक क्लस्टर, ब्लॉक और जिला स्तर पर समन्वित किया जाएगा। सर्वे में लगे शिक्षक नौ जनवरी तक सर्वे पर एक रिपोर्ट तैयार करेंगे।

हर क्लस्टर में लगभग 15 से 20 स्कूल आते हैं। क्लस्टर स्तर पर रिपोर्ट 12-13 जनवरी तक तैयार की जाएगी। इसके बाद इसे खंड और जिला स्तर पर समेकित किया जाएगा। जिला स्तर पर तैयार की गई रिपोर्ट को राज्य स्तर पर भेजा जाएगा, ताकि आगे की योजना और कार्रवाई के लिए आवश्यक डेटा उपलब्ध हो।
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सर्वे के बाद की विभाग ने तैयार की योजना

सर्वे में चिन्हित बच्चों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार शिक्षा से जोड़ा जाएगा। सात से 14 साल के बच्चे ब्रिज कोर्स के माध्यम से तैयार किए जाएंगे। इसके बाद उन्हें उम्र के अनुसार स्कूल की कक्षा में दाखिला मिलेगा। 16 से 19 साल के बच्चे हरियाणा ओपन बोर्ड के जरिए 10वीं या 12वीं की परीक्षा में भाग लेंगे, ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
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