दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अधिकतर अंडरपास में रेहड़ी पटरी वालों को कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बने अधिकतर अंडरपास में रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है। अंडरपास के दोनों ओर अस्थायी दुकानों और ठेलों की वजह से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब अंडरपास के अंदर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के अंडरपास का निर्माण लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए किया गया था, लेकिन अब इनमें अवैध कब्जे बढ़ने लगे हैं। रेहड़ी-पटरी वालों ने अंडरपास के किनारों पर दुकानें सजानी शुरू कर दी हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। कई जगहों पर वाहन चालकों को एक-दूसरे को रास्ता देने में परेशानी होती है और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
गांव साहूपुरा के पास जाट चौक पर बने अंडरपास में अव्यवस्थित तरीके से खड़े ठेले और ग्राहकों की भीड़ के कारण बाइक और कार चालकों को निकलने में दिक्कत होती है। कई बार स्कूल बसें और एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं। यह रास्ता करीब 15 से अधिक गांव को जोड़ता है। इसलिए इस अंडरपास से छोटे बड़े वाहनों का आवागमन होता है। इसके अलावा सेक्टर-8 और तिगांव चौक पर बने अंडरपास में भी काफी संख्या में रेहड़ी लगी होती है। इस वजह से बसों व बड़े वाहनों को निकलने में कई बार परेशानी होती है। इस समस्या को लेकर कई बार एनएचएआई के अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।
लोगों से बात
अंडरपास में रेहड़ी पटरी वालों की ओर से जो अतिक्रमण किया जाता है जिसके कारण लोगों को आवागमन में पेशानी होती है। - मदन लाल
कई अंडरपास के नजदीक शराब का ठेका होने की वजह से लोग अंडरपास में वाहन खड़े करके नशा करते हैं। जिससे रात के समय आने वाली महिलाओं व अन्य लोगों को परेशानी होती है।- खजान सैनी
गांव साहूपुरा के अंडरपास में सुबह से लेकर शाम तक लोगों की भीड़ लगी रहती है। कई बार दोपहर के समय बड़े-बड़े वाहन खड़े होने की वजह से परेशानी होती है।-धर्मसिंह सैनी