ठेले पर पत्नी का शव ले जाता पति
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बीके अस्पताल से महिला का शव ठेले पर ले जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने मामले की जांच के लिए तीन चिकित्सकों की टीम गठित की है, जिसे जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम यह पता करेगी कि महिला को कब भर्ती किया गया, कितने समय तक उपचार चला और शव वाहन उपलब्ध कराने में कहां लापरवाही हुई।
बृहस्पतिवार को बीके अस्पताल की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। टीबी से पीड़ित महिला की मौत के बाद उसके पति झुनझुन को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल सकी। निजी एंबुलेंस का खर्च उठाने में असमर्थ दिहाड़ी मजदूर पति को मजबूरी में पत्नी का शव ठेले पर रखकर घर ले जाना पड़ा। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और जिला रेडक्रॉस की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
जिम्मेदारी को लेकर विभागों में अलग-अलग दावे
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डायल 112 से केवल मरीजों को लाने-ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती है, जबकि शवों के लिए एंबुलेंस की जिम्मेदारी रेडक्रॉस सोसाइटी की है। जांच टीम यह भी देखेगी कि मृत महिला के पति ने एंबुलेंस के लिए कंट्रोल रूम से संपर्क किया था या नहीं और अस्पताल कर्मचारियों ने किस हद तक सहयोग किया।
नंबर सार्वजनिक न होने से बढ़ी परेशानी
मामले में रेडक्रॉस सोसाइटी की लापरवाही भी सामने आई है। बीके अस्पताल परिसर में शव वाहन का संपर्क नंबर पहले कहीं भी सार्वजनिक नहीं किया गया था। यदि यह जानकारी पहले से उपलब्ध होती, तो शोकाकुल परिजन को इस तरह की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती और व्यवस्था पर सवाल भी नहीं उठते।
रेड क्रॉस ने चस्पा किया शव वाहन का नंबर
मामला उजागर होने के बाद जिला रेडक्रॉस की ओर से बीके अस्पताल परिसर में अस्थायी नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में लिखा गया है कि शव वाहन की आवश्यकता होने पर दिए गए नंबर पर संपर्क करें। इसके साथ ही शव वाहन का संपर्क नंबर भी नोटिस पर अंकित किया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी परिजन को जानकारी के अभाव में परेशानी न उठानी पड़े।
डायल 112 से केवल मरीजों के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती है। शवों के लिए एंबुलेंस देने की जिम्मेदारी रेडक्रॉस सोसाइटी की है। मृत महिला के पति ने कंट्रोल रूम में संपर्क नहीं किया। यदि वह संपर्क करता तो रेडक्रॉस एंबुलेंस चालक का नंबर उपलब्ध कराया जाता।
-डॉ. एमपी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी