अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बांस रोड पाली से पकड़े गए आतंकी अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं। एजेंसियां अब इस मामले में ये जांच कर रही है कि स्लीपर सेल की इस केस में संलिप्तता तो नहीं है। साथ ही स्लीपर सेल को कौन तैयार कर रहा था और अब्दुल रहमान को भी कहीं उसी मॉड्यूल के तहत तो तैयार नहीं किया गया था। वहीं आरोपी आतंकी अब्दुल रहमान से पूछताछ में पता चला कि वो कट्टा बनाना भी जानता है। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि जो हैंड ग्रेनेड इससे मिले हैं, वो लगभग 30 मीटर तक नुकसान पहुंचाते हैं।
वहीं पाली गांव के पास हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर छुपाकर जाने वाले हैंडलर/स्लीपर सेल का भी पता लगाने की टीमें जांच कर रही है। ये पता किया जा रहा है कि उसकी जिम्मेदारी सिर्फ यहां हथियार व अन्य सामान पहुंचाने की थी या उसे भी बाद में अयोध्या पहुंचना था।
सीसीटीवी फुटेज बनेगी आतंकी के खिलाफ अहम सबूत
वहीं मामले में आतंकी के खिलाफ सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी अहम सबूत बनेगी। एसटीएफ व एटीएस गुजरात की टीम ने जिस जगह से आतंकी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया, उससे महज 50 मीटर दूरी पर पाली गांव के पंच मलखान सिंह भड़ाना का घर है। इनके मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। एसटीएफ टीम ने यहां से डीवीआर भी अपने कब्जे में ले ली है। पंच मलखान सिंह ने टीम के डीवीआर लेकर जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिसकर्मी ने कहा था कि आपको दूसरा डीवीआर पहुंचा देंगे। इसे हम जांच के लिए ले जा रहे हैं। एसटीएफ के सूत्र ने बताया कि आरोपी इस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सड़क से जाते हुए दिखा है। ऐसे में ये उसके खिलाफ अहम सबूत होगा। इसके साथ ही दिल्ली के रेलवे स्टेशन, निजामुद्दीन स्थित अन्य जगहों की फुटेज भी पुलिस चेक कर रही है। इसके लिए टीम मंगलवार को आतंकी को लेकर दिल्ली निजामुद्दीन एरिया में भी गई।
जम्मू के पीके से कनेक्शन संभव
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआईके (काउंटर इंटेलीजेंस कश्मीर) विंग ने घाटी में लश्कर, टीआरएफ और हिज्ब समेत विभिन्न आतंकी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क की एक अहम कड़ी परवेज अहमद खान उर्फ पीके उर्फ शेख तजामुल इस्लाम उर्फ खालिद को 27 फरवरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया। पीके दिल्ली से विदेश भागने की फिराक में था। उसके पकड़े जाने के ठीक बाद 28 फरवरी को ही अब्दुल रहमान का इनपुट एटीएस गुजरात को खुफिया एजेंसी से मिला। जिसके बाद उसे फरीदाबाद से काबू किया गया। ऐसे में ये भी कयास लगाया जा रहा है कि पीके से ही मिले सुराग के आधार पर फरीदाबाद से आतंकी को पकड़ा गया है।