संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। नगर निगम में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता योगेश (30) की रविवार को उपचार के दौरान सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण योगेश की जान गई है। वह अपने दोस्तों के साथ शुक्रवार की रात को राजस्थान स्थित बालाजी मंदिर दर्शन करने के लिए जा रहे थे। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर खटीक के तिबारे के पास ट्रक की टक्कर में वे घायल हो गए। कनिष्ठ अभियंता का रविवार को जन्मदिन भी था। नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ने कहा कि परिजनों की ओर से स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कराने की मांग की जाएगी। हालांकि मामले में पुलिस को अभी किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है।
कनिष्ठ अभियंता योगेश पलवल स्थित अमरपुर गांव निवासी अपने परिवार के साथ रहते थे। तीन मई रविवार को कनिष्ठ अभियंता योगेश का जन्मदिन था। शुक्रवार की रात को ड्यूटी करने के बाद वह अपने तीन दोस्तों के साथ स्कॉर्पियो से मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। रात 12 बजे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर खटीक के तिबारे के पास स्कॉर्पियो ने ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में चारों दोस्त योगेश, योगेश चौधरी, रमन चौधरी और पुष्पेंद्र घायल हो गए। हादसे में सभी को गंभीर चोट आई थीं। इन सभी को पहले जयपुर के सरकारी व निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके बाद परिजनों ने योगेश को शनिवार की सुबह छह बजे सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल में भर्ती करवा दिया। परिजनों का कहना है कि जब योगेश अस्पताल में भर्ती हुआ तो स्टाफ ने बताया था योगेश के पैर में नॉर्मल फ्रैक्चर है, लेकिन शनिवार दोपहर तीन बजे कहा कि पैर का ऑपरेशन होगा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने योगेश का सही तरीके से उपचार नहीं किया है। इस कारण योगेश की रविवार सुबह छह बजे उपचार के दौरान मौत हो गई। इतना ही नहीं परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि योगेश की मौत होने के बाद भी अस्पताल ने उन्हें छह घंटे तक शव नहीं सौंपा। मृतक योगेश के दो बच्चे हैं। नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमवीर ने बताया सरकार की ओर से मृतक के परिवार को जो सुविधाएं दी जाती हैं वह दी जाएगा। इसको लेकर प्रस्ताव नगर निगम आयुक्त के आगे रखा जाएगा।
सर्वोदय अस्पताल की निदेशक संचालन डॉ. वंदना ने बताया कि मरीज शनिवार की सुबह गंभीर हालात में भर्ती हुआ था। भर्ती करने से पहले ही परिजनों को मरीज की हालात के बारे में बता दिया था। उनको फ्रैक्चर और लीवर में भी चोट थी। अस्पताल की ओर से उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। सड़क हादसे में घायल होने की वजह से मौत के बाद पुलिस की कागजी कार्रवाई में जो समय लगा उसके बाद करीब 12 बजे शव दे दिया गया।
वर्जन
इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - सूरज भान, थाना प्रभारी, सेक्टर-8