चीन की नापाक हरकतें कम नहीं हो रही है। चीन ने 45 साल बाद एक बार फिर भारत को धोखा दिया है। सोमवार रात लद्दाख की गलावन घाटी में भारतीय सेना पर चीन की सेना ने हमला कर दिया। इस हमले में भारत के एक कमांडिंग अधिकारी सहित 20 सैनिक शहीद हो गए। हालांकि, चीन के भी कुछ सैनिक हताहत हुए हैं। चीन की इस हरकत से लोगों में काफी रोष है। लोगों ने चीन के हमले की निंदा की और सरकार से मुंहतोड़ जबाव देने की मांग की।
लोगों का कहना है कि वह चीन के सामानों को बहिष्कार करते हैं, मगर बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिक चीन को अपने आर्डर देते हैं। सरकार को चीन के साथ सभी व्यापारिक रिश्ते तुरंत प्रभाव से तोड़ देने चाहिए। जब चीन का सामना भारत में आएगा ही नहीं तो खरीदेगा भी कोई नहीं है। आज देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है।
बातचीत
भारत के सैनिकों पर चीन के हमले की हम निंदा करते हैं। साथ ही चीनी सामान का बहिष्कार किया जाएगा। मार्केट में सभी दुकानदारों से मेरी अपील है कि वह चीन का कोई भी सामान दुकानों में न रखें। - अजय नौनिहाल, प्रधान, व्यापारी एकता मंत्री मार्केट
हम तो पहले से चीनी सामानों का बहिष्कार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। सरकार में बैठे-कुछ लोग चीनी सामानों को बढ़ावा दे रहे हैं। इन पर लगाम कसनी चाहिए। सरकार को अमेरिका की तरह तुरंत प्रभाव से चीन से सभी रिश्ते तोड़ देने चाहिए। - वीरेंद्र नागर, सेक्टर-29
चीन के हमले की मैं निंदा करता हूं और देश के वीर शहीदों को मेरा नमन। सरकार से एक ही मांग है कि चीन को हमले का सबक सिखाना चाहिए, जिससे कोई भी देश भारत के सैनिकों को आंख मिलाकर न देख सके। - सरवीर शर्मा, महासचिव, सेक्टर-9, मार्केट एसोसिएशन
एक तरफ पाकिस्तान भारत में घुसने की नापाक हरकत कर रहा है। दूसरी तरह चीन भारत की जमीन कब्जाना चाहता है। जबकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था का आधार भारत है। इस अर्थव्यवस्था की चेन को तोड़ दिया जाए तो दोनों देशों की हेकड़ी अपने आप निकल जाएगी। मोदी सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए। - दिनेश माटा, इलेक्ट्रानिक शॉप संचालक, एनआईटी
बर्दाश्त नहीं की जाएगी चीन की बदतमीजी: डागर
लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प में सेना के एक कर्नल सहित 20 जवानों की शहादत को भारत कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। चीन की इस बदतमीजी के लिए सरकार को सबक सिखाना ही होगा। सेक्टर-55 स्थित अपने कार्यालय पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जगन डागर ने कहा कि पूरा देश एकजुट होकर भारत की सेना के साथ खड़ा है। भारत अपने सैनिकों के बलिदान को कभी भी नहीं भूलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री को इस मामले पर तुरंत चीन से बातचीत कर के इसको सुलझाना चाहिए। यदि चीन नहीं माना तो भारत को चीन से सभी तरह के आर्थिक समझौते खत्म कर देने चाहिए और चीन के माल को भारत में प्रतिबंधित कर देना चाहिए। इस मौके पर राजेश आर्य, सतेंद्र डागर, अनीश पोसवाल, धर्मेंद्र लांबा, डब्बू पायल, सुरेंद्र पाल, राजेंद्र, दुष्यंत मौजूद रहे।