फरीदाबाद। जिले में मंगलवार को हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी की गई सूची के अनुसार यहां एक्यूआई का स्तर 448 रहा। इससे एनसीआर में फरीदाबाद सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर अंकित हुआ। पहले स्थान पर दिल्ली रहा। यहां प्रदूषण का स्तर 476 दर्ज किया गया। हवा में जहरीले कण की संख्या बढ़ने से लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, गले में तकलीफ की समस्या सामने आई है।
शहर में पिछले छह दिनों से प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। मंगलवार को लगातार छठे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर हो गया। मंगलवार को भी सुबह के समय काफी स्मॉग छाया हुआ था। हालांकि, दिन के समय धूप बाकी दिनों की तुलना में थोड़ी तेज रही। इसकी वजह से दोपहर के समय स्मॉग कुछ हल्का हो गया, मगर शाम होते ही एक बार फिर स्मॉग का असर बढ़ना शुरू हो गया। इससे लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
फरीदाबाद के वायु गुणवत्ता सूचकांक में सोमवार की तुलना में केवल 8 अंक की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 456 दर्ज किया गया था, जबकि एक दिन पहले 448 दर्ज किया गया था। क्षेत्रों के हिसाब से सेक्टर-11 का क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित रहा। यहां का एक्यूआई 469 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-16 क्षेत्र का 467, सेक्टर-30 क्षेत्र में 405 और एनआईटी क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 दर्ज किया गया।
लोगों ने कूड़े के ढेर में लगाई आम
आईपी कॉलोनी निवासी केसी शर्मा ने बताया कि मेवला महाराजपुर अंडरपास के दोपहर के समय किसी ने कूड़े के ढेर में आग लगा दी। इस संबंध में लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों को सूचना दी मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह लोग कूड़ा जलाते रहे तो प्रदूषण को कैसे बढ़ने से रोका जा सकता है।
कोट
जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी विभागों द्वारा मिलकर कार्य किया रहा है। नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों पर नजर रखी जा रही है। हल्की बारिश के बाद ही प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है।
- दिनेश कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी