एक महीने पहले पहुंच रहे थे 150 मरीज, अब 200 के पार हुई संख्या, डेंगू का सता रहा डर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बरसात के मौसम के चलते बीमारियां काफी तेजी से फैल रही हैं। इसमें मरीजों को लगातार दो से तीन दिन बुखार आने से डेंगू का डर सताने लगा है। लोग हल्के बुखार में भी तुरंत डेंगू की जांच करा रहे हैं। जिससे बीके अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा वायरल बुखार और सर्दी जुकाम के मरीज शामिल हैं। एक महीने पहले अस्पताल में प्रतिदिन करीब 150 मरीज बुखार के इलाज के लिए पहुंचते थे लेकिन अब यह संख्या बढ़कर करीब 200 के पार हो गई है।
बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब ढ़ाई हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल की ओपीडी में बने फिजीशियन और बाल रोग विभाग में करीब 350 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से करीब 200 मरीज बुखार और सर्दी जुकाम का इलाज कराने आर रहे हैं। एक महीने पहले बुखार के मरीजों की संख्या प्रतिदिन करीब 150 थी लेकिन मौसम बदलने के कारण यह संख्या करीब 200 के पार हो गई है। वहीं, वायरल बुखार आने वाले मरीजों में डेंगू होने का डर सता रहा है। इससे अस्पताल में वायरल बुखार के मरीज डेंगू की जांच करा रहे हैं।
बारिश के चलते मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। विभाग में प्रतिदिन करीब 200 मरीज वायरल बुखार के आते हैं। इनमें डेंगू होने का डर रहता है क्योंकि डेंगू के लक्षण में बुखार आता है। जिस कारण मरीज डेंगू के डर से काफी परेशान रहते हैं। इसके लिए वायरल बुखार आने पर मरीजों की डेंगू की जांच कराई जा रही है। -
डॉ. मोहित अग्रवाल, फिजीशियन, बीके अस्पताल
विभाग में वायरल बुखार, डायरिया के साथ साथ सर्दी जुकाम होने पर परिजन बच्चे का इलाज के लिए आते हैं। इनमें से प्रतिदिन करीब 70 से 80 बच्चे वायरल बुखार के इलाज के लिए आते हैं। बच्चों के माता पिता बच्चों में डेंगू होने के डर से काफी परेशान हैं। बच्चों में बुखार आने से डेंगू का डर बना रहता है। इसके चलते बच्चों की डेंगू की जांच भी कराई जा रही है। -
डॉ. विजय रानी, बाल रोग विशेषज्ञ, बीके अस्पताल
वायरल बुखार के लक्षण
गले में खराश और खांसी, नाक बंद होना, छींक आना और नाक बहना, कमजोरी और थकान, शरीर में दर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त वायरल बुखार के लक्षण हैं।
डेंगू के लक्षण और बचाव
लक्षण: अचानक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, आंखों में दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी आना, दस्त होना, त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाते हैं।
बचाव : मच्छरदानी का प्रयोग करें, कहीं भी पानी जमा न होने दें, साफ और सुरक्षित कपड़े पहनें, आसपास गंदा पानी एकत्रित न होने दें, बुखार के समय पानी, नारियल पानी, शिकंजी और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।