बीके अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा पर सवाल, कर्मचारियों को नहीं दिया गया है आग बुझाने का प्रशिक्षण
फरीदाबाद। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हुई घटना के बाद फरीदाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की पोल खुल गई है। इमरजेंसी वार्ड के पास अग्निशमन पाइपलाइन में पानी नहीं है, और कई पाइपों में जंग लग चुका है। अस्पताल में न तो फायर स्प्रिंकलर हैं और न ही धुएं को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट सिस्टम।
साथ ही अस्पताल में फायर होज रील, हाइड्रेंट, पानी के टैंक, मुख्य पंप, डीजल पंप आदि की कोई भी ठोस व्यवस्था नजर नहीं आई। अस्पताल में सिर्फ कार्बन डाई ऑक्साइड गैस सिलिंडरों के भरोसे आग पर काबू पाने की कोशिश की जा सकती है। आधुनिक अग्निशमन प्रणाली अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हो पाई है। तीन साल से लटका काम फिर से शुरू हुआ है, जिसके लिए करीब 1.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, काम के पूरा होने की कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं है। इसके अलावा, अस्पताल के कर्मचारियों को भी आग बुझाने का नियमित प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
अग्निशमन प्रणाली और फाल सीलिंग के काम में 1.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका काम तेजी से चल रहा है। - डॉ. एमपी सिंह, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी
तीन वर्ष पहले अग्निशमन प्रणाली दुरुस्त करने की पहल की थी, लेकिन यह काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। अब एक बार फिर काम शुरू हुआ है। अधिकारियों का दावा है कि यह काम आगामी तीन से चार महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। - डॉ. सविता यादव, पूर्व प्रधान चिकित्सा अधिकारी