फरीदाबाद। तपती धूप में बिजली कटौती से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। सेक्टर-23 और सेक्टर-52 में रविवार को 14 घंटे बिजली गुल रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लंबा कट होने के कारण घरों में लगे इन्वर्टर ने भी जवाब दे दिया। इससे लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गईं। बिजली नहीं होने के कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भी ठप रही।
बिजली निगम की ओर से शहर में नियमित रूप से बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत इससे अलग है। शहर में हर एक घंटे के अंतराल में आधे घंटे के लिए कट लगाए जा रहे हैं। वहीं फाल्ट और ब्रेक डाउन हो जाए तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। सेक्टर-52 निवासी दीपक और पंकज ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे अचानक बिजली गई। कुछ देर लोगों ने सप्लाई बहाल होने का इंतजार किया। इसके बाद भी जब नहीं आई तो एसडीओ और जेई को कई बार फोन किया, किसी ने फोन नहीं उठाया। घरों में लगे इन्वर्टर भी कुछ देर में जवाब दे गए। गर्मी से बच्चों का बुरा हाल हो गया।
खरीदकर पीना पड़ा पानी
लोगों ने बताया कि नगर निगम की ओर से सुबह चार से आठ बजे तक पेयजल आपूर्ति की जाती है। रविवार सुबह तक बिजली न आने के कारण पानी की मोटर नहीं चल सकी। इससे पानी भी नहीं आया। मजबूरीवश लोगों को प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीदकर पीना पड़ा।
सैनिक कॉलोनी में भी ऐसे ही हालात
सैनिक कॉलोनी में भी लोगों को इन दिनों अनियमित बिजली आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। रात को कभी भी बिजली चली जाती है। लोगों ने बताया कि बिजली के संबंध में कई बार ट्वीट भी किया गया है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। विभाग के अधिकारियों ने अब फोन उठाना भी बंद कर दिया है।
चावला कॉलोनी में भी गुल रही बिजली
चावला कॉलोनी में रविवार को बिजली ने लोगों की छुट्टी खराब कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोपहर में दो घंटे तक बिजली गुल रही। इस दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।यहां तक कि शिकायत करने के लिए जब अधिकारियों को फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया।
कंट्रोल रूम में रोजाना पहुंच रहीं 1200 शिकायतें
सेक्टर-23 स्थित बिजली निगम के कंट्रोल रूम में बिजली कटौती संबंधी रोजाना 1200 शिकायतें पहुंच रही हैं। रविवार को शिकायतें पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर यहां लोगों को केवल आश्वासन दिया जाता है।
वर्जन
बिजली सप्लाई पहले से बेहतर हुई है। कुछ क्षेत्रों में दिक्कत फाल्ट के कारण आई थी। उन्हें ठीक करवा दिया गया है। - नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम