फरीदाबाद। सेक्टर-58 थाने में दर्ज कालीचरण आत्महत्या मामले में सुसाइड नोट से मृतक की लिखावट का मिलान नहीं हो सका। मृतक के परिजनों ने इससे पहले भी एक सैंपल जांच के लिए भिजवाया था। फॉरेंसिक जांच में लिखावट का मिलान नहीं हो सका था। इसके बाद परिजनों ने दोबारा से एक अन्य सैंपल भेजा। 24 जून को आई रिपोर्ट में दूसरा सैंपल भी मृतक की लिखावट से मेल नहीं खाता।
सितंबर 2020 में सेक्टर-58 की फैक्ट्री के शौचालय में कालीचरण नाम के व्यक्ति ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में कालीचरण के परिजनों ने पुलिस को एक सुसाइड नोट सौंपा था। जिसकी सच्चाई जानने के पुलिस ने मृतक की लिखावट मिलान के लिए गुरुग्राम स्थित फॉरेंसिक लैब में एक सैंपल भेजा था। लैब की जांच के बाद सुसाइड में यह सामने आया कि नोट मृतक की लिखावट के लिए दिया गया सैंपल करीब बीस वर्ष पुराना है, इसलिए लैब किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद सेक्टर-58 थाना पुलिस ने कालीचरण के हाथ से लिखे दूसरे सैंपल जांच के लिए भेजे। उसमें भी मृतक की लिखावट सुसाइड नोट से मेल नहीं खा सकी। दो बार की जांच के बाद अब इस मामले को खारिज करने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। सेक्टर-58 थाना प्रभारी ने बताया कि सुसाइड नोट पर किए गए हस्ताक्षर का मिलान कालीचरण के हस्ताक्षर से नहीं हुआ है।