बल्लभगढ़ में उप नागरिक अस्पताल में रोगियों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एम्स की ओपीडी का निर्माण किया गया था। अस्पताल में बिल्डिंग बनी, लेकिन रोगियों को स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बदतर बनी हुई है।
उप नागरिक अस्पताल में एम्स की बिल्डिंग में बनी ओपीडी के बाहर घंटों एक युवक उपचार के अभाव में जमीन पर लेटा रहा। उसकी मां बेबसी से इलाज के लिए गुहार लगाती रही, लेकिन डॉक्टरों और कर्मचारियों ने कोई सुध नहीं ली। हालांकि दोपहर बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।
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बल्लभगढ़ में उप नागरिक अस्पताल में रोगियों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एम्स की ओपीडी का निर्माण किया गया था। अस्पताल में बिल्डिंग बनी, लेकिन रोगियों को स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बदतर बनी हुई है। गुरुवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मूल रूप से बिहार की रहने वाली सुलेना देवी अपने बेटे प्रदीप (28) को तेज बुखार में बेसुध हालत में लेकर सुबह आठ बजे अस्पताल में लेकर पहुंची। जहां ओपीडी में रोगियों की भारी भीड़ लगी हुई थी।
सुलेना घंटों तक कर्मचारियों से बेटे के इलाज की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने भी उनकी मदद की जहमत नहीं उठाई। अपने बेटे को ओपीडी के बाहर स्लैब पर लेकर वह बैठी रही। सुलेना देवी ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने उनको कोई जवाब नहीं दिया। वहीं दोपहर करीब तीन बजे मरीज को भर्ती किया गया।
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फिलहाल मुझे मामले की कोई जानकारी नहीं है। अभी अवकाश पर चल रहा हूं। अगर युवक के उपचार में लापरवाही की गई है, तो मामले को देखेंगे। - हर्ष साल्वे, सह आचार्य, एम्स ओपीडी बल्लभगढ़