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कब जागेगा प्रशासन?: रात दो बजे उड़ती है सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां, माफिया धमाका कर चुरा रहे मिट्टी

Fri, 20 Sep 2024 05:09 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद

सार

सैनिक कॉलोनी के स्थानीय निवासियों ने बताया कि गेट नंबर तीन के पास पहाड़ी में देर रात दो बजे बहुत तेज धमाका होता है। इस कारण अक्सर लोगों की नींद खुल जाती है। उस समय पाली गुरुग्राम रोड पर मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपरों की लाइन लगी रहती है।
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अरावली की पहाड़ियां - फोटो : ANI
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विस्तार
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सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी अरावली की पहाड़ियों में अवैध खनन जारी है। खनन माफिया में प्रशासन और पुलिस का डर खत्म हो चुका है। यहां रात के अंधेरे में धड़ल्ले से खनन का काम चल रहा है। दूसरी तरफ प्रशासन को बेखबर है। 

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स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन करने वाले रात के अंधेरे में धमाका कर मिट्टी की चोरी कर रहे हैं। इसके अलावा मिट्टी को ट्रैक्टर और डंपर के माध्यम से रोतो-रात बाहर भेज रहे हैं। यहां रातभर सड़कों पर बुलडोजर व ट्रैक्टर की आवाज गूंजती रहती है। लोगों ने बताया कि अवैध खनन से तलहटी की मिट्टी दिखाई दे रही है। अरावली को खनन माफिया ने अपना गढ़ बना लिया है। दूसरी ओर प्रशासन अवैध खनन को रोकने में नाकाम हो रहा है।

सैनिक कॉलोनी के स्थानीय निवासियों ने बताया कि गेट नंबर तीन के पास पहाड़ी में देर रात दो बजे बहुत तेज धमाका होता है। इस कारण अक्सर लोगों की नींद खुल जाती है। उस समय पाली गुरुग्राम रोड पर मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपरों की लाइन लगी रहती है। यह सिलसिला रात 12 बजे के बाद शुरू होता है, जो सुबह तीन बजे तक जारी रहता है। 

इस रोड पर रात के समय वाहनों का बहुत अधिक शोर रहता है। यहां खनन माफिया विस्फोटक लगाकर पहाड़ तोड़ रहे हैं। ऐसा करने वाले अधिकांश लोग अरावली की तलहटी में बसे गांवों के ही होते हैं। स्थानीय निवासी जब इस अवैध खनन की सूचना खनन विभाग व वन विभाग के अधिकारियों को कॉल कर दी जाती है तो वह अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लेते हैं।
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सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद से अरावली की पहाड़ियों में अवैध खनन बंद है। यदि रात के समय धमाका किया जा रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - राजीव तेजयान, वन विभाग अधिकारी।

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