फरीदाबाद के गांव खोरी में बुधवार को नगर निगम सभी तैयारियों के साथ अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने पहुंचा। इसके लिए पुलिस प्रशासन से करीब दो हजार पुलिस कर्मियों की मांग की गई थी। इसमें पांच सौ महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं। तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले ही नगर निगम की ओर से गांव में मुनादी करवाई गई थी। जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को घर खाली करने के लिए कहा गया था। इससे पूर्व मंगलवार को एक बार फिर शाम को पुलिस अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर लोगों को जल्द घर खाली करने के आदेश दिए थे।
बुधवार को तोड़फोड़ के दौरान जिला प्रशासन ने मीडिया को खोरी गांव से बिल्कुल दूर रखा। मीडिया कर्मियों के साथ ही फोटोग्राफरों को भी तोड़फोड़ से दूर रखा गया है। एक होटल से दूरबीन के सहारे तोड़फोड़ देखने का इंतजाम किया गया है।
कुछ समय तक तोड़फोड़ की कार्रवाई होने के बाद भारी बारिश के कारण इसे रोकते हुए पुलिसकर्मी वापस लौट आए। नगर निगम के अनुसार, दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर बसे खोरी गांव में 125 एकड़ जमीन है। इसमें से 80 एकड़ जमीन पर लोगों ने कब्जा कर मकान बनाए हुए हैं। यहां करीब 10 हजार परिवार रहते हैं।
कार्रवाई के कारण एक बार फिर खोरी गांव के लोगों में खौफ का माहौल बन हुआ है। हालांकि, इससे पहले भी हाई कोर्ट के आदेश पर खोरी में तोड़फोड़ हो चुकी है। सात जून को सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने जंगल की जमीन को पूरी तरह से मुक्त कराने का आदेश दिया था।