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Faridabad News: मतदान का अधिकार सुरक्षित रखना है तो 15 जून से घर आने वाले बीएलओ को नजरअंदाज न करें

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मतदान का अधिकार सुरक्षित रखना है तो 15 जून से घर आने वाले बीएलओ को नजरअंदाज न करें
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विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू, एक महीने चलेगा घर-घर सत्यापन
आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा गया

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अगर आप मतदान के दिन अपना वोट बिना किसी परेशानी के डालना चाहते हैं तो 15 जून से शुरू होने वाले घर-घर सत्यापन अभियान को हल्के में न लें। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत अगले एक महीने तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रत्येक घर पहुंचकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। इस दौरान सही जानकारी और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर नाम में त्रुटि या अन्य समस्याएं भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती हैं।

जिला प्रशासन ने इस बार अभियान को केवल सरकारी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा है। आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को भी इसमें भागीदार बनाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक जानकारी पहुंचे और कोई भी योग्य मतदाता सूची से छूट न जाए।
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हर घर तक पहुंचेगी निर्वाचन आयोग की टीम

अतिरिक्त उपायुक्त एवं निर्वाचक पंजीयन अधिकारी अंजलि श्रोत्रिया और एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज ने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नागरिकों को सही जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक दस्तावेज दिखाने होंगे।

प्रशासन का मानना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग के बिना मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाना संभव नहीं है। इसलिए कॉलोनियों और सोसायटियों में आरडब्ल्यूए की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है।

गलतियों को सुधारने का मिलेगा अवसर

घर-घर सत्यापन के बाद 21 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद 20 अगस्त तक कोई भी नागरिक नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज कराने का दावा प्रस्तुत कर सकेगा। सभी दावों का निस्तारण 18 सितंबर तक होगा और 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी।

लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है सही मतदाता सूची

विशेषज्ञों का मानना है कि निष्पक्ष चुनाव की शुरुआत शुद्ध मतदाता सूची से होती है। यदि सूची में त्रुटियां हों या पात्र नागरिकों के नाम छूट जाएं तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसी उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है।
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प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ उनके घर पहुंचे तो वे पूरा सहयोग करें और अपने परिवार के सभी पात्र मतदाताओं की जानकारी सही ढंग से उपलब्ध कराएं। छोटी-सी सतर्कता भविष्य में मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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