प्रतापगढ़ के लोगों ने दी अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अगर हमें साफ हवा नहीं दे सकते तो जहर का इंजेक्शन ही लगा दो... लेकिन इस डंपिंग यार्ड से छुटकारा दिला दो। यह दर्द भरे शब्द हैं प्रतापगढ़ के उन लोगों के, जो सोमवार को नगर निगम मुख्यालय के बाहर अपने परिवारों के साथ प्रदर्शन करने पहुंचे। हाथों में तख्तियां और आंखों में उम्मीद लिए सैकड़ों लोगों ने साफ हवा और स्वस्थ जीवन के अपने अधिकार की मांग उठाई।
सेक्टर-56 स्थित डंपिंग यार्ड को बंद कराने की मांग पिछले तीन वर्षों से लगातार उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी आवाज अब तक अनसुनी रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि डंपिंग यार्ड से उठने वाली दुर्गंध ने आसपास के गांवों और सेक्टरों का जीवन दूभर कर दिया है। बरसात के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। बदबू, धुआं, मक्खियों और मच्छरों के बीच लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो जाता है।
गांव प्रतापगढ़, समयपुर और आसपास की कॉलोनियों के निवासी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और मेयर प्रवीण बत्रा जोशी व निगम आयुक्त धीरेन्द्र खड़गटा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर डंपिंग यार्ड को बंद करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन शुरू करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी शहर की तरक्की उसके नागरिकों के स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि पहले डंपिंग यार्ड को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब इसकी क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर दिन कूड़े से भरे 40 से 45 डंपर यहां पहुंच रहे हैं और हजारों परिवार जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। वहीं, नगर निगम की मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। जल्द ही समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।