फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। शहर में अब तेज गति से वाहन दौड़ाया तो चालान सीधा घर पहुंचेगा। ट्रैफिक पुलिस के बेड़े में तीन इंटरसेप्टर गाड़ियां शामिल हो गई हैं। इसके साथ ही महीने के आखिर तक चार प्रमुख मार्गों पर हाई स्पीड कैमरे भी लग जाएंगे। इन कैमरों के सामने से गुजरते समय यदि किसी वाहन की गति 65 किलोमीटर से ज्यादा हुई तो चालान सीधा वाहन मालिक के घर पहुंचेगा। इंटरसेप्टर मशीन पर लगे कैमरे करीब 700 मीटर की दूरी से ही वाहन की गति को माप लेंगे।
ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौत ओवर स्पीड के कारण होती है। फिलहाल दो इंटरसेप्टर गाड़ियां हैं। इसमें से एक गाड़ी गुरुग्राम-फरीदाबाद मार्ग पर और दूसरी सीकरी बॉर्डर पर तैनात रहती है। इसके बाद पूरे जिले में लोग बेफिक्री से वाहनों को तेज गति से दौड़ाते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तीन इंटरसेप्टर गाड़ियां और बढ़ा दी गई हैं। इनको ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) स्तर के अधिकारी इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही शहर के नेशनल हाइवे 48, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड व सूरजकुंड रोड पर चार हाई स्पीड कैमरे लगवाए जा रहे हैं। इनके सामने से जैसे ही कोई वाहन 65 किलोमीटर की रफ्तार से ज्यादा गति से गुजरेगा तो उसकी फोटो आ जाएगी। फोटो के साथ गाड़ी का नंबर स्पीड व समय भी अंकित रहेगा। इस फोटो को गाड़ी के चालान के साथ वाहन मालिक के घर पर भेज दिया जाएगा। ओवर स्पीड के चालान पर दो हजार रुपये का जुर्माना होता है। इसके साथ ही तीन माह के लिए लाइसेंस भी सस्पेंड करने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से 30 जून तक लगभग 115 लोग सड़क दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं, वहीं अब तक 2500 से ज्यादा लोगों के ओवर स्पीड के चालान काटे जा चुके हैं।
कहां-कहां तैनात होंगे वाहन
इंटरसेप्टर वाहनों को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड, नेशनल हाइवे नंबर 48, बल्लभगढ़ व सूरजकुंड रोड पर लगाया जाएगा। इन्हें रूटीन में अलग अलग जगह पर भी खड़ा किया जाएगा, ताकि ओवर स्पीड पर लगाम लगाई जा सके। हाई स्पीड कैमरों में से एक कैमरा पाली चौकी से मांगर के बीच, दूसरा सूरजकुंड रोड पर एमवीएन स्कूल के पास, तीसरा नेशनल हाइवे पर मेवला फ्लाईओवर के पास और चौथे को बल्लभगढ़ के पास लगाया जाएगा। अभी तक सीसीटीवी कैमरों में ही देखकर ऑनलाइन चालान किए जाते थे। सीसीटीवी में स्पीड लिमिट नहीं कैद होती। इन कैमरों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाया जाएगा। इसके तुरंत बाद चार और कैमरे बढ़ा दिए जाएंगे।