संपत्ति मालिकों के पास महज 10 दिन का समय बचा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के संपत्ति मालिकों के पास बकाया संपत्ति कर जमा करने के लिए अब महज 10 दिन का समय बचा हुआ है। निर्धारित अवधि में कर जमा नहीं करने वालों से नई पॉलिसी के तहत कलेक्टर रेट के आधार पर बढ़ा हुआ संपत्ति कर वसूला जाएगा। नगर निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। कराधान शाखा के कर्मचारी कलेक्टर रेट के अनुसार डाटा अपडेट करने में जुटे हुए हैं। हालांकि स्टाफ की कमी के चलते इतने कम समय में पूरा डाटा फीड करना निगम के लिए चुनौती बना हुआ है।
गौरतलब है कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की नई कर पॉलिसी एक सितंबर से लागू होगी। इसके बाद संपत्ति कर का निर्धारण कलेक्टर रेट के आधार पर किया जाएगा यानी एक ही क्षेत्रफल के मकान का टैक्स अलग-अलग कॉलोनियों में वहां के कलेक्टर रेट के हिसाब से अलग हो सकता है।
रिहायशी संपत्ति के व्यावसायिक इस्तेमाल पर लगेगा दोगुना टैक्स
नई पॉलिसी के तहत रिहायशी संपत्ति का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों को दोगुना संपत्ति कर देना होगा। एनआईटी की कई कॉलोनियों और सेक्टरों में घरों में दुकानें या वर्कशॉप चल रही हैं। ऐसे मामलों में टैक्स बढ़ जाएगा। मसलन, जिस संपत्ति का सालाना कर अभी 500 रुपये है, उसे अब 1000 रुपये तक देना पड़ सकता है। वहीं, हरियाणा विकास प्राधिकरण ने भी सेक्टरों में नक्शे के अनुसार मकान के आगे या पीछे निर्धारित जगह नहीं छोड़ने वालों पर दोगुना कर लगाने का प्रावधान किया है। निगम की नई व्यवस्था से बड़ी संख्या में संपत्ति मालिक प्रभावित होंगे।