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Faridabad News: दो बच्चों की हत्या के दोषी पति-पत्नी को उम्रकैद

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30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, दूसरी पत्नी के कहने पर की थी वारदात
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। जिला अदालत ने दूसरी पत्नी के कहने पर अपने ही पांच साल के बेटे और चार साल की बेटी को कुएं में डुबाकर हत्या करने के मामले में दोषी करार देते हुए पति -पत्नी को उम्रकैद की सजा और 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह फैसला शुक्रवार को एडिशनल सेशन जज सुरेंद्र कुमार की अदालत में सुनाया। घटना 18 मई 2023 को सेक्टर 58 थानाक्षेत्र में शगुन गार्डन के पास हुई थी। हत्यारा पिता पलवल के सोफ्ता गदपुरी के पास स्थित श्याम कॉलोनी का रहने वाला है।

सेक्टर 58 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सीकरी के निवासी धीरेंद्र ने बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलर का कार्य करते हैं। 18 मई 2023 को शगुन गार्डन के पीछे अपने एक दोस्त के साथ दोपहर को प्लॉट देखने गए थे। वहां से करीब सौ मीटर दूरी पर लोगों की भीड़ थी। लोगों ने उनको मौके पर बुलाया। तब उन्होंने देखा कि कुएं में एक आदमी खड़ा हुआ था।
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जिस पर लोगों ने बताया कि वह आदमी अपने दोनों बच्चों को लेकर कुएं में कूद गया। वह रस्सी के सहारे कुएं के अंदर गए। जहां उन्होंने देखा कि वह आदमी अपने बच्चों का गला पैरों से दबा कर खड़ा हुआ है। उस समय कुएं के अंदर पानी कम होने की वजह से वह आसानी से खड़ा था। जब दोनों बच्चों सहित तीनों को बाहर निकाला गया तो बच्चों की मौत हो गई थी।
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27 साल के भगत सिंह ने अपने पांच साल के बेटे नीशू उर्फ निक्की और चार की बेटी बिंदू की पानी में डूबा का हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पिता भगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि करीब दो साल पहले उसकी पहली पत्नी कौशल की मौत हो चुकी थी। इसके बाद इससे आशा नामक महिला से दूसरी शादी कर रखी थी। सेक्टर-58 थाने में भगत सिंह और उसकी पत्नी आशा के खिलाफ आपराधिक साजिश और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। दो साल में 19 गवाह पेश किए गए। साथ ही मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, क्योंकि किसी ने भी भगत सिंह को अपने बच्चों के साथ कुएं में कूदता हुआ नहीं देखा था, लेकिन अदालत में ठोस साक्ष्य होने की वजह से आरोपी पिता और उसकी पत्नी दोषी साबित हुए। जब भगत सिंह पैर से बच्चों का गला दबा रहा था और उनको बाहर निकाला, तो लोगों ने वीडियो भी बनाया। यह वीडियो भी अदालत में अपराध का सबूत बने।
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