फरीदाबाद। 16 साल पुराने अपहरण और धमकी के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा की अदालत ने आरोपी पति को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सका।
मामले में पत्नी ने अदालत में बयान दिया कि घटना के समय वह बालिग थी और उसने 23 अगस्त 2012 को ऋषि से शादी की थी। दोनों के चार बच्चे हैं और वह अपने पति के साथ रह रही है। मामला थाना तिगांव में 28 अप्रैल 2010 को दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा था। पत्नी के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि ऋषि उनकी बेटी को 10 अप्रैल 2010 में घर से अपहरण कर शादी कर ली थी। शिकायत में ऋषि के परिवार के सदस्यों पर भी साजिश में शामिल होने और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी ने अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया। उसने कहा कि वह 2010 में दिल्ली में अपनी बुआ के घर गई थी, जहां उसकी ऋषि से मुलाकात हुई थी। 10 अप्रैल 2010 को वह बिना बताए दिल्ली गई थी। उसने अदालत में यह भी कहा कि उसके पिता ने आरोपी के खिलाफ झूठी शिकायत दी थी। वहीं उसके पिता ने भी अदालत में कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और वह आरोपी को नहीं पहचानते। दोनों गवाहों के अभियोजन के पक्ष में बयान नहीं देने पर अदालत ने ऋषि को दोषमुक्त करार कर दिया है। संवाद