निगमायुक्त, डीसी और सीपी से 8 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट, बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतारने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की पुरी प्रणायाम सोसायटी के सामने सीवर की सफाई के दौरान दो सफाई कर्मियों की मौत के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने नगर निगम आयुक्त, एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर 8 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
आयोग के सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि 4 मई को कमल आनंद नामक व्यक्ति ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह हादसा सुरक्षा उपकरणों के अभाव में हाथ से मैला ढोने (मैनुअल स्कैवेंजिंग) के कारण हुआ है, जो हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी सीधा उल्लंघन है। आयोग अब इस मामले में 8 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा।
गौरतलब है कि दो मई को पुरी प्रणायाम सोसायटी के बाहर सीवर की सफाई करने उतरे गांव खेड़ी निवासी सुनील और राजेंद्र की दम घुटने से मौत हो गई थी। दोनों को बिना किसी गैस मास्क या सुरक्षा उपकरण के मैनहोल में उतारा गया था। आरोप है कि ये दोनों बीपीटीपी के कर्मचारी थे और एस्टेट मैनेजर के निर्देश पर सफाई के लिए उतरे थे। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा है। बीपीटीपी थाना पुलिस इस संबंध में प्रबंधन और संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है।