फरीदाबाद। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) का सेक्टर-20ए में तोड़फोड़ अभियान रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान तोड़फोड़ दस्ते ने यहां 15 मकानों को ढहा दिए। कई मकान तीन मंजिला बने हुए थे। तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध भी जताया। मगर पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
एचएसवीपी अधिकारियों ने बताया कि इस जमीन को प्राधिकरण कई साल पहले अधिग्रहण कर चुका है। इसके बाद यहां धीरे-धीरे कब्जा होना शुरू हो गया था। समय रहते अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
इस वजह से यहां पड़ी खाली जमीन पर काफी अवैध निर्माण बन गए हैं। कब्जे से संबंधित मामले में एक शपथ पत्र सुप्रीम कोर्ट में जमा करना है। इसलिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तोड़फोड़ की। मौके पर महिलाओं ने तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध किया। कुछ लोग अपने घरों को खाली करने कोतैयार नहीं थे। पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती बाहर निकाला। घरों को खाली करवाया।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संविदा अधिकारी परमजीत चहल और उनकी टीम मौके पर मौजूद रही। इस दौरान किसी भी प्रकार की घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स आरएएफ की टीम भी मौजूद रही। एचएसवीपी के कनिष्ठ अभियंता प्रेम प्रकाश ने बताया कि तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बोले, मकान बनाते समय किसी अधिकारी ने नहीं रोका
तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध कर रहे रामवीर शर्मा ने बताया कि वह करीब आठ साल से मकान में रह रहे हैं। एक-एक पाई जोड़कर किसी तरह मकान बनवाया था। अधिकारियों ने कुछ ही मिनट में मकान को तोड़ किया। जबकि हमारे पर मकान के सभी कागजात है। घर में बिजली और पानी के कनेक्शन है। इसके बावजूद अधिकारी लोगों की कोई बात सुनने को तैयार नहीं है।
रोशनी देवी ने एचएसवीपी अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मकान बनाते समय किसी अधिकारी ने नहीं रोका। बिजली और पानी के बिल वसूलते समय किसी ने समय किसी ने पूछताछ नहीं की। अब लोगों को बिना समय पर दिया तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। यह अन्याय है।