स्मार्ट सिटी के सरकारी कार्यालयों में नहीं हैं आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम
हेमलता
बल्लभगढ़। स्मार्ट सिटी के सरकारी कार्यालयों में आग बुझाने वाले उपकरण नहीं होने की वजह से कोई बड़ी घटना घटित होने का डर लगा रहता है। सरकारी कार्यालयों में आग बुझाने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। मात्र 2 से 3 फायर सिलिंडर देखने को मिलते हैं। अमर उजाला की टीम ने बल्लभगढ़ स्थित उप तहसील कार्यालय और सेक्टर 12 स्थित जीएसटी कार्यालय की पड़ताल की। जहां पर पाया कि एक कार्यालय में मात्र दो से तीन सिलिंडर आग बुझाने के लिए सीढ़ियों के पास रखे गए हैं। वहीं दूसरे कार्यालय में जो फायर सिलिंडर लगे हुए हैं वह 3 साल पहले एक्सपायर हो चुके हैं। उसके बावजूद अभी तक उनका बदला नहीं गया है।
2 मार्च 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से 11 करोड़ रुपये की लागत से बनी उप तहसील बल्लभगढ़ का शुभारंभ किया गया था। इस उप तहसील में ग्राउंड फ्लोर पर एसडीएम बल्लभगढ़ का कार्यालय बना हुआ है। साथ में पब्लिक डीलिंग के काम भी होते हैं। जिसमें लोग अपने गाड़ियों की आरसी, डीएल, आधार कार्ड अपडेट करवाने व अन्य जरूरी के लिए आते हैं। इसके अलावा उस तहसील में रजिस्ट्री का कार्य भी किया जाता है। वहीं दूसरी और बल्लभगढ़ तहसीलदार भी इसी कार्यालय में बैठती हैं। इसके अलावा पहली मंजिल पर डीसीपी और एसीपी बल्लभगढ़ का कार्यालय बना हुआ है। जहां पर काफी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। दो अधिकारियों के कार्यालय बने होने की बावजूद भी इस कार्यालय में आग बुझाने के लिए कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं है। ग्राउंड फ्लोर पर मात्र दो फायर सिलिंडर सीढ़ियों के पास रखे गए हैं, जो की काफी छोटे हैं। इसके अलावा अन्य कहीं पर भी किसी प्रकार की कोई भी आग बुझाने से संबंधित उपकरण मौजूद नहीं है। इसके अलावा पहली मंजिल पर भी आग बुझाने के लिए दो से तीन सिलिंडर ही रखे हुए हैं। इस कार्यालय को बने हुए करीब ढाई साल हो चुके हैं।
जीएसटी विभाग में लगे हुए हैं एक्सपायरी डेट के सिलिंडर
सेक्टर 12 स्थित खेल परिसर के साथ में जीएसटी विभाग बना हुआ है। जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर आबकारी विभाग है। वहीं पहली मंजिल पर जीएसटी विभाग है। इस विभाग में भी हर रोज सैकड़ों की संख्या में लोग अपने निजी कार्य को करवाने के लिए अधिकारियों के पास आते हैं। इस विभाग में लिफ्ट और सीढ़ियों के पास लगे फायर सिलिंडर पर जो एक्सपायरी डेट है वह साल 2022 की है। 3 साल बीत जाने के बाद भी अधिकारियों की ओर से अभी तक फायर सिलिंडर को बदला नहीं गया है। जिस वजह से भविष्य में अगर कोई भी आग की घटना घटित होती है, तो आग बुझाने के लिए कोई भी उपकरण मौजूद नहीं है।
फायर ब्रिगेड विभाग के फायर सेफ्टी ऑफिसर यादवेंद्र का कहना है कि उनकी ओर से सोमवार को दोनों कार्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। अगर वहां पर फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद नहीं है तो जल्द से जल्द उपकरण लगाने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाएंगे।