जिला नागरिक अस्पताल में बीपीएल कार्ड धारकों के लिए नियमों में किया गया बदलाव
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में बीपीएल कार्ड धारकों के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई जांच से जुड़े नियमों में बदलाव मरीजों की परेशानी का कारण बन रहे हैं। पहले डॉक्टर की सलाह पर बीपीएल कार्ड धारकों की ये जांचें मुफ्त में कर दी जाती थीं, लेकिन अब इसके लिए मरीज का अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की पर्याप्त जानकारी न होने के कारण रोजाना बड़ी संख्या में मरीज रेडियोलॉजी विभाग पहुंच रहे हैं, जहां जांच न होने पर उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
हालांकि सरकार की ओर से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए रियायती दरों पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महंगी जांचें छूट के बावजूद भी गरीब और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन रही हैं। मरीजों का कहना है कि इलाज में देरी होने के साथ-साथ उन्हें निजी सेंटरों पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ रहा है।
मेरी पत्नी के सिर में लगातार दर्द था। डॉक्टर ने एमआरआई लिखी, लेकिन अस्पताल में भर्ती न होने की वजह से जांच नहीं हुई। मजबूरी में निजी सेंटर पर हजारों रुपये खर्च करने पड़े।-संदीप कुमार, परिजन
बेटे का दो महीने पहले एक्सीडेंट हुआ था। अभी दर्द होता रहता है। डॉक्टर को दिखाया तो एमआरआई कराने को कहा है। यहां भर्ती की शर्त बताई गई। सरकारी रेट भी काफी महंगा है।-सुनीता देवी, परिजन
मैं बीपीएल कार्ड धारक हूं। पुरानी चोट की वजह से कमर में दर्द रहता है। जांच के लिए एमआरआई लिखी गई थी, लेकिन अस्पताल से वापस भेज दिया गया। कई दिनों तक इलाज भी प्रभावित रहा।-शबनम, मरीज
नियमों की जानकारी पहले से नहीं थी। पूरे दिन अस्पताल में भटकने के बाद पता चला कि मुफ्त जांच केवल भर्ती मरीजों की हो रही है।-महेंद्र सिंह, परिजन
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार भर्ती मरीजों की ही बीपीएल श्रेणी में सीटी स्कैन और एमआरआई जांच मुफ्त की जा रही है। अन्य मरीजों को निर्धारित रियायती दरों पर सुविधा उपलब्ध है। मरीजों को नियमों की जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है।-डॉ. तरुण गोयल, रेडियोलॉजिस्ट।