शहर में जुटेंगे कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और वरिष्ठ मंत्री, जिला प्रशासन कड़ी की सुरक्षा व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सोमवार को फरीदाबाद राष्ट्रीय महत्व के एक बड़े कार्यक्रम का गवाह बनेगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। हरियाणा सरकार की मेजबानी में आयोजित होने वाली यह बैठक आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शीर्ष नेतृत्व को एक मंच पर लाएगी। इस महत्वपूर्ण आयोजन में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल, वरिष्ठ मंत्री और उच्च अधिकारी शामिल होंगे। बैठक के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और केंद्र सरकार की टीमों ने रविवार तक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया। सूरजकुंड में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन स्थल को सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित बना दिया गया है।
सहकारी संघवाद की भावना को सशक्त करेगी बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत टीम भारत की परिकल्पना का उद्देश्य राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। इसी भावना के अनुरूप क्षेत्रीय परिषदें वर्षों से विभिन्न विषयों पर संवाद और समस्या समाधान का प्रभावी मंच साबित हो रही हैं। अमित शाह के नेतृत्व में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद सहकारिता, सुरक्षा, विकास और प्रशासनिक सुधारों पर महत्वपूर्ण चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है। क्षेत्रीय परिषदों का ढांचा राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत तैयार किया गया था। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री होते हैं, जबकि सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों में से एक को उपाध्यक्ष नामित किया जाता है। इस बार परिषद के उपाध्यक्ष हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हैं
राज्यों के बीच बेहतर संवाद और समाधान का मंच
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद का सबसे बड़ा उद्देश्य उन मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना है जो दो या अधिक राज्यों या केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े होते हैं। चाहे वह कानून-व्यवस्था, सीमा संबंधी मामले, सड़क संपर्क, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा या प्रशासनिक सहयोग जैसे तमाम विषयों पर परिषद में विस्तार से चर्चा की जाती है। पिछले 11 वर्षों में क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 63 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं जिनमें अनेक लंबित विवादों का समाधान हुआ और विकास परियोजनाओं को गति मिली है। परिषद की स्थायी समिति जिसका नेतृत्व विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों के हाथ में होता है। मुद्दों की प्राथमिक जांच और सिफारिशें तैयार करती है। इसके बाद ही उन्हें अंतिम चर्चा के लिए मुख्य परिषद की बैठक में रखा जाता है।
अमित शाह के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और प्रबंधन की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी है। डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि प्रशासन ने केंद्र की टीम से लगातार समन्वय कर सभी व्यवस्थाओं की सूक्ष्म समीक्षा की है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और इंटेलिजेंस एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सम्मेलन स्थल के आसपास ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर में रूट डायवर्जन भी लागू रहेंगे। सूरजकुंड परिसर में बैठकों, स्वागत, भोजन के लिए अलग-अलग सुरक्षित जोन बनाए गए हैं।
इन अहम मुद्दों पर होगी मंथन
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दुष्कर्म के मामलों की त्वरित जांच
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का प्रभावी संचालन
प्रत्येक गांव में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार
आपातकालीन सहायता प्रणाली ईआरएसएस-112 को और मजबूत बनाना
पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी चुनौतियां
बिजली क्षेत्र में सुधार और शहरी नियोजन
सहकारिता ढांचे को राज्यों में और प्रभावी बनाना