बार-बार जिला नागरिक अस्पताल आने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले हीमोफीलिया मरीज इन दिनों फैक्टर इंजेक्शन की कमी से परेशान हैं। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में कई महीनों से फैक्टर-8 और फैक्टर-9 इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें जरूरत के अनुसार पूरी डोज नहीं मिल पा रही। इससे मरीजों को बार-बार अंदरूनी रक्तस्राव, जोड़ों में दर्द और अन्य गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों का कहना है कि जरूरत के समय पर्याप्त डोज नहीं मिलने पर उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई मरीजों ने बताया कि अंदरूनी ब्लीडिंग होने पर तेज दर्द के बावजूद उन्हें इंतजार करना पड़ता है। कुछ मरीजों ने यह भी कहा कि दूसरे राज्यों में हीमोफीलिया मरीजों को इमरजेंसी के लिए घर पर फैक्टर उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन फरीदाबाद में ऐसी सुविधा नहीं है।
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में करीब 70 हीमोफीलिया मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें से 66 मरीज फैक्टर-8 की कमी से पीड़ित हैं। बीके अस्पताल में डे-केयर सेंटर के माध्यम से फैक्टर इंजेक्शन कम लागत पर उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिलती है। हालांकि कई बार इंजेक्शन उपलब्ध न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।
हीमोफीलिया एक आनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर में खून का थक्का सही तरीके से नहीं बनता। ऐसे में बिना किसी चोट के भी शरीर के अंदर ब्लीडिंग शुरू हो सकती है, जो गंभीर स्थिति में जानलेवा साबित हो सकती है।
जरूरत के समय पूरी डोज नहीं मिल पाती। कई बार दर्द और ब्लीडिंग की स्थिति में भी बार-बार अस्पताल आना पड़ता है।-रूपम सिंह, हीमोफीलिया पीड़ित
कई राज्यों में मरीजों को इमरजेंसी के लिए घर पर फैक्टर उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन यहां ऐसी सुविधा नहीं है। मरीजों को पूरा डोज मिलना चाहिए।-संजय सिंह रावत, हीमोफीलिया पीड़ित
डॉक्टर मरीज की स्थिति को देखते हुए ही फैक्टर की डोज तय करते हैं। यदि किसी मरीज को कोई शिकायत है तो वह कार्यालय में संपर्क कर सकता है।-डॉ. एसएस दहिया, नोडल अधिकारी