संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प महोत्सव में हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ मनोरंजन के साधन भी पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। मेले के गेट नंबर एक के पास बनाए गए झूला परिसर में दिनभर रौनक बनी रहती है, जहां फरीदाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से आए परिवार विभिन्न झूलों का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।
यहां बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए करीब 30 प्रकार के छोटे-बड़े झूले लगाए गए हैं। सलामी झूला, डबल डिस्क, ब्रेक डांस, जायंट व्हील, रेंजर और आधुनिक हेलीकॉप्टर झूला विशेष आकर्षण बने हुए हैं। हेलीकॉप्टर झूला पर्यटकों को आभासी अनुभव के साथ रोमांच प्रदान कर रहा है, जिसके चलते इसकी सवारी के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं। झूलों के टिकट 100 से 200 रुपये के बीच निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें लोग सुविधाजनक बता रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर झूला क्षेत्र में विशेष व्यवस्था भी की गई है।
मनोरंजन के अन्य साधनों में बच्चों के लिए पानी में बोटिंग और ऊंट की सवारी भी शामिल है। जहां बच्चे ऊंट की सवारी से अलग अनुभव ले रहे हैं, वहीं परिवार के सदस्य नाव की सैर का आनंद उठा रहे हैं। झूला परिसर के आसपास लगे फूड स्टॉल भी पर्यटकों को लुभा रहे हैं, जहां चाट, फास्ट फूड और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया जा रहा है।
इसके अलावा मेले में आयोजित जलपरी शो भी लोगों की उत्सुकता का केंद्र बना हुआ है। पानी के भीतर तैरती जलपरी को देखने के लिए दर्शकों, खासकर बच्चों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। यह प्रस्तुति आगंतुकों के लिए यादगार अनुभव बन रही है।