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Faridabad News: शहर के धड़ल्ले से हो रहा भूजल दोहन, घर-घर लग रहे बूस्टर

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- प्रशासन को जानकारी के बावजूद नहीं होती कोई कार्रवाई, गिरते भूजल को लेकर अधिकारी मौन
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धनंजय चौहान
फरीदाबाद। डार्क जोन में शामिल फरीदाबाद के गिरते भूजल स्तर पर लगाम नहीं लग रही है। घरों में तेजी से सबमर्सिबल लग रहे हैं। अवैध रूप से जल दोहन हो रहा है। टैंकरों से घर-घर पानी बेचा जा रहा है। सब कुछ पता होने के बावजूद नगर निगम अधिकारी आंखे बंद किए बैठे है, जिससे पिछले कुछ वर्षों में भूजल स्तर 700 फीट तक नीचे पहुंच गया है, जिससे कॉलोनी और सेक्टरों में लगे बूस्टर सूखने लगे हैं। इससे अलग-अलग इलाकों में पेयजल संकट गया है। बृहस्पतिवार को भी पानी की समस्या से परेशान लोगों ने नगर निगम मुख्यालय पर धरना दिया।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में 22 रेनीवेल और 1700 ट्यूबवेल से पेयजल आपूर्ति की जाती है। शहर में रोजाना 450 एमएलडी पेयजल की मांग है जबकि आपूर्ति 350 एमएलडी हो पा रही है। साथ ही भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। खासकर अरावली क्षेत्र में जलस्तर लगातार गिरने से ट्यूबवेल व नलकूप फेल होते जा रहे हैं। नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग अधिकारियों की माने तो 10-15 साल पहले तक सूरजकुंड और उसके आसपास के इलाके में 100 से 150 फुट नीचे तक जलस्तर हुआ करता था। आज यहां पानी का स्तर 700 फुट तक नीचे पहुंच गया है। अरावली की पहाड़ियाें में बने अधिकांश जलाशय या तो सूख चुके हैं या फिर खत्म हो गए हैं। बारिश का पानी रिचार्ज नहीं हो पा रहा है। एनआईटी की बात करें तो पहले यहां का जलस्तर भी 80 से 100 फीट के आसपास होता था, लेकिन आज जलस्तर करीब 400 फीट तक पहुंच गया है। हाईवे के उस पार सेक्टरों में भी जलस्तर 300 फीट के नीचे जा पहुंचा है। बल्लभगढ़ क्षेत्र का भी जलस्तर करीब 300 फीट है, लेकिन यहां का पानी खारा होने से पीने योग्य नहीं है।
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घरों तक नहीं पहुंचता रेनीवेल का पानी

नंगला पार्ट दो निवासी, सतीश, पंकज, दीपक और लोकेश ने बताया कि निगम ने कॉलोनी में ट्यूबवेल लगाए हैं। इनका पानी तो घरों तक पहुंच रहा है लेकिन वह खारा है। इसके अलावा रेनीवेल से पानी कॉलोनी में नहीं है। इसकी एक वजह पानी माफिया भी है। लोगों का आरोप है पानी न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण आरओ प्लांट है। जगह-जगह अवैध आरओ प्लांट लगाए गए हैं जो निगम की पाइप लाइन से ही पानी खींच कर बेच रहे हैं। इन पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है।


कॉलोनियों में चल रहे अवैध आरओ प्लांट

सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी निवासी वीपी सिंह और पर्वतिया कॉलोनी निवासी अंकुर और राम सिंह ने बताया कि वॉर्ड नंबर 3 और 4 करीब 100 आरओ प्लांट गली-गली में खुले हैं। प्लांट संचालक लोगों को पानी बेचने के अलावा बड़ी-बड़ी कंपनियों में भी पानी की सप्लाई करते हैं। किसी भी संचालक ने नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ले रखी है।

इन इलाकों में पानी संकट ज्यादा
जवाहर कॉलोनी, पर्वतीया कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी खंड बी, संजय कॉलोनी सेक्टर-23 प्रेस कॉलोनी, जनता कॉलोनी, ग्रीन फील्ड कॉलोनी, दयालबाग, शिवदुर्गा विहार, सैनिक कॉलोनी, संत नगर, एसजीएम नगर, हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-21 डी, सुभाष कॉलोनी, त्रिखा कॉलोनी, एनआईटी, सराय ख्वाजा आदि हैं।
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ग्राउंड वाटर लेवल

स्थान पहले अब
सूरजकुंड 100-150 700
एनआईटी 80-100 400
बल्लभगढ़ 225 300

भूजल सुधार के लिए सूख चुके तालाबों को किया जा रहा पुनर्जीवित



लोगों को पानी के विकराल संकट से छुटकारा दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से ग्रामीण इलाकों में सूख चुके तालाबों को पुनर्जीवित करने का काम किया जा रहा है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में राजस्व रिकार्ड के मुताबिक चिह्नित किए गए 76 में से 22 तालाबों का दोबारा जीर्णोद्धार किया जा रहा है। - ओमबीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम, फरीदाबाद
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