फरीदाबाद। तीनों कृषि कानून खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की मांगे जायज नहीं है, क्योंकि किसानों को डर है कि उनकी फसल का मंडी में उचित दाम नहीं मिलेगा, जबकि प्रदेश सरकार पहले से ही किसानों की फसल उचित दामों पर खरीद रही है। आढ़तियों को भी लाभ हो रहा है। उन्हें धरना समाप्त कर नई तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यह बातें सोमवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यत चौटाला ने सेक्टर-12 हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कन्वेंशन सेंटर में पत्रकार वार्ता में कही।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक कोविड महामारी की दूसरी लहर के कारण लंबे समय से लंबित थी। कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के बाद सोमवार को इसका आयोजन किया गया। बैठक में 16 शिकायतें आई थीं। इसमें फेरस सोसाइटी का एक केस लंबे समय से चल रहा था। इसका भी समाधान कर दिया गया। इसके लिए कमेटी गठित की गई है, जो जिन बायर्स को पैसा चाहिए और जिन्हें प्लाट चाहिए, उसे सुलझाएगी। किसान आंदोलन पर बोले कि किसानों के सभी मुद्दे खत्म हो चुके हैं। उनकी मांगों पर हमारी सरकार काम कर ही है। किसानों को डर था कि कृषि कानूनों से मंडी खत्म हो जाएगी। एमएसपी खत्म हो जाएगी, जबकि सरसों और सूरजमुखी एमएसपी से ज्यादा दामों पर बिके हैं। गेहूं का एक-एक दाना सरकार खरीदने को तैयार है। सभी मंडियां खूब चल रही हैं।
आढ़ती को उनकी आढ़त का दाम पूरा मिला और किसान को उनकी फसल का पूरा एमएसपी उनके खातों में ट्रांसफर करने का काम राज्य सरकार कर रही है। पिछले डेढ़ साल में किसानों के लिए अनेकों लाभकारी योजनाएं लाई गई हैं। आज किसानों को नई तकनीक से जुड़कर कार्य करने की जरूरत हैं। हमारी सरकार किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की ओर से लेकर जा रही है। पलवल के एक किसान का जिक्र करते हुए कहा कि वह ब्राजील के फूल की यहां खेती कर प्रतिदिन 90 हजार रुपये कमाता है। किसानों को आंदोलन छोड़कर इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। तभी देश की तरक्की हो सकती है।