फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे लोगों का सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। रविवार को सेव फरीदाबाद संस्था के नेतृत्व में ग्रेटर फरीदाबाद के लोगों ने टूटी हुई सड़कों व जगह-जगह खतरनाक गड्ढों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथ में स्लोगन की तख्तियां थीं। जिन पर मांग लिखी हुई थी कि अच्छी सड़क भीख नहीं, हमारा अधिकार है।
सेव फरीदाबाद के संयोजक पारस भारद्वाज ने बताया कि शहर में सड़कों का बुरा हाल है और जगह-जगह दुर्घटना का कारण यही सड़कों के गड्ढे बनते हैं। समाज सेविका आशा तोमर ने सरकार व प्रशासन को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इतने सालों में यहां के लोगों को केवल उपेक्षा और सौतेले व्यवहार का ही सामना करना पड़ा है। सभी ने अपने जीवन भर की पूंजी लगाकर केवल समस्याएं ही प्राप्त की हैं। अनिल आहूजा ने ग्रेटर फरीदाबाद को नारकीय जीवन बताया और कहा कि यहां सभी लोग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए की अध्यक्ष और सेव फरीदाबाद की सदस्य दीपा सक्सेना ने कहा कि टूटी सड़कों के कारण बुजुर्ग और बच्चे रोजाना गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। पारस ने बताया कि MeriSadakMeraHaq नाम से उनकी संस्था सेव फरीदाबाद पूरे शहर में टूटी सड़कों के खिलाफ एक जन मुहिम चलाएगी और प्रशासन को चेताएगी। मानसून की वजह से लोग सड़क के गड्ढों के कारण दुर्घटनाग्रस्त न हों, प्रशासन इसके लिए तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करे। इस मौके पर पीसी माथुर, सुभाष खन्ना, रजत बांगा, दिनेश मेहता, ध्रुव अग्रवाल, प्रफुल्ल शर्मा, प्रदीप नाहटा, कपिल आर्य आदि मौजूद रहे।