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अंजलि के अंत के पीछे दर्दनाक कहानी: स्कूल क्या छूटा छात्रा ने दे दी जान, इस वजह से छोड़नी पड़ी थी कलम-किताबें

Tue, 11 Aug 2026 08:07 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद

सार

अंजलि छह भाई-बहनों में शामिल थी। वह पिछले करीब एक साल से किसी बीमारी से जूझ रही थी। बीमारी के चलते उसका स्कूल जाना भी छुड़वा दिया गया था। छोटी सी उम्र में स्कूल छूटने और बीमारी के ठीक न होने के कारण अंजलि लगातार मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठा लिया।
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छात्रा ने दी जान - फोटो : अमर उजाला/AI
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विस्तार
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हरियाणा के फरीदाबाद सेक्टर-15ए स्थित एक मकान में उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के गांव सिरसा की रहने वाली किशोरी अंजलि ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय वह घर में अकेली थी और कमरा अंदर से लॉक कर लिया था।

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पढ़ाई छूटने और बीमारी के कारण तनाव में थी अंजलि
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को बीके अस्पताल भिजवाया, जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अंजलि पिछले एक साल से बीमारी और उसके कारण पढ़ाई छूटने की वजह से मानसिक तनाव में चल रही थी। 

भाई और भाभी काम पर गए थे हादसे के वक्त
घटना मंगलवार दोपहर की है। मृतका अंजलि के भाई विशाल और उसकी गर्भवती पत्नी दोनों अपने-अपने काम पर गए हुए थे। अंजलि घर पर अकेली थी। दोपहर में जब विशाल का साला ट्यूशन से पढ़कर वापस घर लौटा, तो उसने मुख्य दरवाजा खटखटाया, अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने और दरवाजा अंदर से बंद होने पर उसने जब खिड़की से झांककर देखा, तो अंजलि फंदे से लटकी हुई थी। इसके बाद उसने तुरंत आसपास के लोगों को शोर मचाकर इकट्ठा किया और मामले की सूचना पुलिस को दी। 

छह भाई-बहनों में से एक थी अंजलि
जानकारी के अनुसार, अंजलि छह भाई-बहनों में शामिल थी। वह पिछले करीब एक साल से किसी बीमारी से जूझ रही थी। बीमारी के चलते उसका स्कूल जाना भी छुड़वा दिया गया था। छोटी सी उम्र में स्कूल छूटने और बीमारी के ठीक न होने के कारण अंजलि लगातार मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठा लिया।

गर्भवती भाभी की देखभाल के लिए आई थी फरीदाबाद
मृतका का भाई विशाल फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। उसकी पत्नी गर्भवती है, इसलिए उसकी देखभाल और घरेलू कामों में सहयोग के लिए करीब एक महीने पहले ही अंजलि को कन्नौज से फरीदाबाद बुलाया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि शहर आने और माहौल बदलने से उसकी तबीयत और मन दोनों में सुधार होगा, लेकिन अंदरूनी तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। 
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पुलिस का बयान
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दरवाजा खोलकर शव को नीचे उतारा गया और बीके अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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