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Faridabad News: प्रसिद्ध कार्डियोलाजिस्ट के नाम पर जनरल एमबीबीएस ने किए 50 मरीजों के हार्ट के ऑपरेशन

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कार्डियोलाजिस्ट की डिग्री का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल कर हार्ट सेंटर में पाई थी नियुक्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित पीपीटी मोड पर संचालित हार्ट केयर सेंटर में प्रसिद्ध कार्डियोलाजिस्ट के नाम पर जनरल एमबीबीएस ने 50 मरीजों के हार्ट के ऑपरेशन कर दिए, जिसमें से कुछ मरीजों की उपचार के बाद मौत हो गई।
प्रसिद्ध कार्डियोलाजिस्ट डॉ. पंकज मोहन की डिग्री का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल कर हार्ट सेंटर में नियुक्ति पाई थी। इसका भेद तब खुला जब अस्पताल के हार्ट सेंटर में ऑपरेशन कराने वाला मरीज तबीयत ठीक न होने पर असल हार्ट स्पेशलिस्ट के पास पहुंच गया। अस्पताल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप नीति के तहत चल रहे हार्ट सेंटर से जुड़ा है, जो फरवरी, 2018 से संचालित हो रहा है। अनियमितताओं की शिकायत के चलते गत वर्ष 29 अक्टूबर को विजिलेंस ने सेंटर प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद वहां प्रैक्टिस कर रहे डाॅक्टरों ने इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद डॉ. पंकज मोहन शर्मा ने जुलाई-2024 से फरवरी-2025 तक आठ माह तक सेवाएं दीं। इस बीच एडवोकेट संजय गुप्ता ने विजिलेंस और पुलिस में डाॅ. पंकज मोहन शर्मा की चिकित्सीय योग्यता पर सवाल उठाते हुए उनकी डिग्री की जांच की मांग की। इस पर डाॅ. पंकज शर्मा को पता चला कि वह अब फंस चुके हैं तो उसने सेंटर जाना बंद कर दिया।
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प्रसिद्ध कार्डियोलाजिस्ट डॉ. पंकज मोहन जो रेलवे रोड पर अपने क्लीनिक में प्रैक्टिस करते हैं, उनके हम नाम होने का फायदा उठाते हुए डाॅ. पंकज मोहन शर्मा ने हार्ट सेंटर में नियुक्ति पा ली। डॉ. पंकज मोहन शर्मा ने हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. पंकज मोहन के रजिस्ट्रेशन नंबर 2456 का दुरुपयोग किया, जबकि सामान्य एमबीबीएस डॉ. पंकज मोहन का रजिस्ट्रेशन नंबर 28482 है। जो कुछ कागजात सामने आए उसमें डाॅ. पंकज मोहन शर्मा के नाम की स्टैंप जो लगी हुई थी, उसमें भी कार्डियोलाजिस्ट लिखा हुआ मिला। यह स्टैंप हार्ट सेंटर में मरीजों के इलाज के लिए बनाई जाने वाले पर्ची पर लगाई जाती थी।
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