वाहनों के फंसने की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी में प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में बारिश के दौरान वाहनों के फंसने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। जलभराव की स्थिति में वाहनों का अंडरपास में प्रवेश रोकने के लिए सभी प्रवेश और निकास द्वार पर गेट लगाए जाएंगे। यातायात पुलिस ने इस संबंध में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) को पत्र लिखकर सभी द्वार पर गेट लगाने की मांग की है।
ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में चार प्रवेश और निकास द्वार हैं। ये फतेहपुर चंदीला, सेक्टर-21बी, एनआईटी और ओल्ड फरीदाबाद की तरफ से वाहन आ जा सकते हैं। इनमें एनआईटी और ओल्ड फरीदाबाद की तरफ पहले से गेट लगे हुए हैं, जबकि फतेहपुर चंदीला और सेक्टर-21बी की तरफ गेट की व्यवस्था नहीं है। बारिश के दौरान इन्हीं रास्तों से वाहन अंडरपास में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में अब प्रशासन सभी प्रवेश द्वार को गेट से बंद करने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है कि 8 अगस्त 2026 को बारिश के बाद अंडरपास में कार चालक और स्कूल बस के फंसने की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। दोनों वाहन सेक्टर-21बी की तरफ से अंडरपास में दाखिल हुए थे। इस तरफ गेट नहीं होने के कारण जलभराव के बावजूद वाहनों का प्रवेश नहीं रुक सका।
जलभराव के स्थायी समाधान के लिए दो संपवेल बनाने की तैयारी
एफएमडीए ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में हर साल होने वाले जलभराव के स्थायी समाधान की दिशा में भी काम कर रहा है। बरसाती पानी की निकासी के लिए दो नए संपवेल बनाने की तैयारी है। प्राथमिक योजना के अनुसार हुडा पार्क और सेक्टर-21सी के आसपास संपवेल बनाए जाने की संभावना है। इसके लिए जमीनी सर्वे की तैयारी शुरू की गई है। अंडरपास की भौगोलिक स्थिति के कारण अनखीर, बड़खल, सेक्टर-21सी, मेवला महाराजपुर, फतेहपुर चंदीला और रेलवे रोड की तरफ से आने वाला पानी यहां पहुंचता है। नए संपवेल बनने से इस पानी को अंडरपास तक पहुंचने से पहले निकालने में मदद मिलेगी।
कुछ हादसे
-08 अगस्त 2026 को रात सात बजे अंडरपास में 25 से 30 फीट तक पानी भर गया था। करीब
60 वर्षीय नीरज गाड़ी लेकर अंडरपास में चले गए और कार बीच में फंसने के बाद डूबने लगी। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने बाहर निकाला। कार के दरवाजे और शीशे नहीं खुलने पर एक युवक ने शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकालने में मदद की।
-08 अगस्त 2026 को ही एक स्कूल बस भी अंडरपास में भरे पानी में बंद हो गई थी। बाद में जलस्तर बढ़ने के कारण बस भी पानी में डूब गई।
-13 सितंबर 2024 को अंडरपास में करीब 10-11 फीट पानी भरने के बाद एक गाड़ी डूब गई थी। इसमें गुरुग्राम के निजी बैंक में कार्यरत मैनेजर पुण्यश्रेय शर्मा और कैशियर विराज द्विवेदी की मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन ने अंडरपास के मुहाने पर स्टील के गेट लगवाए थे।
चारों प्रवेश और निकास द्वार पर गेट लगने से अंडरपास की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। बारिश के दौरान जलभराव होने पर गेट बंद कर वाहनों का प्रवेश रोका जा सकेगा। इससे वाहन चालकों के अंडरपास में फंसने और हादसे होने का खतरा कम होगा।
- अनोज कुमार, यातायात थाना प्रभारी