फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास चौधरी हत्याकांड : कौशल का सहयोगी हवलदार गिरफ्तार, नौकरी से बर्खास्त

विज्ञापन
फरीदबाद डीएलएफ क्राइंम ब्रांच हवलदार राजकुमार को कोर्ट में पेश करती हुई । - फोटो : Faridabad
विज्ञापन
फरीदाबाद। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या में गैंगस्टर कौशल का साथ पुलिस का ही एक हवलदार राजकुमार दे रहा था। कौशल की गिरफ्तारी से पहले तक यह हवलदार उसके संपर्क में था। उसी ने कौशल को विकास चौधरी का नंबर व अन्य जानकारियां उपलब्ध करवाई थीं। बृहस्पतिवार सुबह क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने पुलिस लाइन स्थित आवास से आरोपी हवलदार राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया। षड्यंत्र में शामिल हवलदार राजकुमार को पुलिस आयुक्त केके राव ने बर्खास्त कर दिया है। उधर, विकास की हत्या में उसके निजी सुरक्षाकर्मी प्रदीप धारीवाल की भी संलिप्तता पाई गई है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

विकास चौधरी हत्याकांड में कौशल की गिरफ्तारी के बाद रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस रिमांड के दौरान कौशल ने पुलिस को बताया कि एसटीएफ में तैनात रहे हवलदार राजकुमार उर्फ राजू ने उसे विकास चौधरी का मोबाइल नंबर व उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी थी। राजू को यह सारी जानकारियों विकास के पीएसओ रहे प्रदीप धारीवाल ने उपलब्ध करवाई थीं। प्रदीप और राजू पहले से एक दूसरे को जानते थे और दोस्त हैं। राजू से मिली जानकारी के आधार पर ही सचिन खेड़ी ने विकास चौधरी की रेकी की थी।
मूलरूप से पलवल के गांव दिघौट के रहने वाले हवलदार राजकुमार का तबादला कुछ माह पहले फरीदाबाद हुआ था। तभी से यहां पुलिस लाइन में रह रहा था। एसटीएफ से आने के बाद से राजकुमार लंबी छुट्टी लेकर चला गया था। फिलहाल उसे कहीं तैनाती नहीं मिली थी। पूछताछ के दौरान पता चला कि राजू अगस्त के पहले सप्ताह में ही कौशल की मां से गुरुग्राम स्थित उसके घर से तीन लाख रुपये लेकर आया था। राजू कौशल के अलावा उसके गुर्गों सचिन खेड़ी, अमित डागर, नीरज फरीदपुर के साथ भी संपर्क में था। वहीं विकास चौधरी का निजी सुरक्षाकर्मी प्रदीप धारीवाल पिछले छह साल उसके पास काम कर रहा था। विगत 27 जून को विकास चौधरी की हत्या के बाद वह कभी उसके घर नहीं गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें