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Faridabad News: ठगी करने वाले जालसाजों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़

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14 आरोपियों को नोएडा और एक को फरीदाबाद से किया गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले जालसाजों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले गिरोह के 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 14 आरोपियों को नोएडा जबकि एक आरोपी को फरीदाबाद से साइबर क्राइम थाना सेंट्रल पुलिस ने काबू किया है। बैंक खाते ऑपरेट करने वाले दो मुख्य आरोपियों को 7 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की गई है। जबकि बाकी 13 आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इनमें दो आरोपी ऋषि तुषार आरोठे और सरोज कुमार उर्फ अमित साइबर ठगी की आने वाली राशि को खातों से आगे अन्य खातों में ट्रांसफर करते थे। जबकि बाकी सभी आरोपी कमिशन के लालच में अपने बैंक खाते देने के साथ ही दूसरों के खाते लेकर या बैंक ले जाकर खुलवाकर इन दो आरोपियों को देने वाले हैं।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान वेस्ट बंगाल के हुगली जिले के मूल निवासी आरिफ रजा, अहमद रजा, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मूल निवासी अंजनी गौरेला, राजस्थान नागौर निवासी राकेश, बिहार मधुबनी निवासी अरुण कुमार, असम काचर निवासी पन्ना दत्ता, राजस्थान झालावाड़ निवासी मयंक कुमार, यूपी अलीगढ़ निवासी बंटी, गुजरात सूरत निवासी रवि कुमार आदिवासी, बिहार सीतामढ़ी निवासी मुन्ना मुश्ताक, यूपी हरदोई निवासी शोभित कुमार, बलिया निवासी अनुज कुमार पांडे, दिल्ली लक्ष्मी नगर निवासी दीपक कुमार ठाकुर, यूपी उन्नाव निवासी सरोज कुमार उर्फ अमित और फरीदाबाद की ग्रीन फील्ड कॉलोनी में रह रहे गुजरात वड़ोदरा के मूल निवासी ऋषि तुषार आरोठे के तौर पर हुई। मुख्य आरोपी ऋषि तुषार आरोठे को फरीदाबाद से और सरोज कुमार उर्फ अमित को नोएडा से पकड़ा गया है। नोएडा से पकड़े गए आरोपी वहां अलग-अलग होटलों में ठहरते थे। 8-10 दिन तक एक होटल में ठहरने के बाद वे अपने ठिकाने बदल देते थे।
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शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी मामले में हुई गिरफ्तारी
साइबर क्राइम थाना सेंट्रल में 16 दिसंबर को एक एफआईआर दर्ज हुई थी। इसकी शिकायत सेक्टर-88 एरिया में रहने वाले ओडिसा भुवनेश्वर के मूल निवासी सुरेश चंद्र महापात्र ने पुलिस को दी थी। जिसमें कहा गया कि सितंबर महीने में इन्हें किसी अंजान व्यक्ति ने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप में शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के मैसेज आने लगे। ग्रुप में काफी सदस्य उनके निवेश पर मुनाफा होने के मैसेज करते थे। फिर शिकायतकर्ता से भी संपर्क कर निवेश कर मुनाफा कमाने को कहा गया। बैंक खाते देकर इनसे 9 लाख 21 हजार रुपये निवेश करा लिए गए। उस पर मुनाफा भी होना बताया गया। लेकिन रिफंड मांगा तो टैक्स के नाम पर और रुपये ट्रांसफर करने को कहने लगे। रुपये नहीं देने पर ग्रुप बंद कर दिया। एफआईआर दर्ज करने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की तो बैंक खातों के जरिये इन आरोपियों तक पहुंची। फिर पूरे गिरोह का पता चला और 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि दो आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। ये इन खातों में आने वाली ठगी की राशि को आगे अन्य खातों में ट्रांसफर करते थे। इनसे पूछताछ कर ठग सिंडिकेट तक पहुंचने के प्रयास टीम कर रही है।
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