रजत जयंती वर्ष में 13 से 25 सितंबर तक गूंजेगा गणपति बप्पा का जयघोष
महाराष्ट्र मित्र मंडल के गणेशोत्सव में भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महाराष्ट्र मित्र मंडल (फरीदाबाद) इस वर्ष अपने सार्वजनिक श्री गणेशोत्सव की 25वीं वर्षगांठ रजत जयंती महोत्सव के रूप में मनाएगा। गांधी कॉलोनी स्थित समुदाय भवन में 13 से 25 सितंबर तक धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित की जाएगी। मंडल की ओर से गणेशोत्सव को भव्य बनाने के साथ ही समाजोपयोगी गतिविधियों पर भी जोर दिया गया है।
मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र पांचाल ने बताया कि महाराष्ट्र मित्र मंडल ने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से 25 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पूरी की है। इसी उपलक्ष्य में इस बार का गणेशोत्सव विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है। उत्सव में बच्चों, महिलाओं और परिवारों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं।
उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को शाम चार बजे श्रीगणेश मूर्ति के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। 14 सितंबर को सुबह 10 बजे मूर्ति की स्थापना होगी और रात आठ बजे भजन संध्या आयोजित की जाएगी। 15 सितंबर को सुंदरकांड पाठ होगा। 16 सितंबर को स्कूल ऑफ डांस की ओर से बच्चों के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
17 सितंबर को हरिनाम संकीर्तन और 18 सितंबर को महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। 19 सितंबर को शाम चार बजे चित्रकला प्रतियोगिता तथा रात आठ बजे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 20 सितंबर को सुबह 10 बजे निशुल्क चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। इसी दिन रात आठ बजे भजन संध्या होगी। 21 सितंबर को भी भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
22 सितंबर को श्री खाटू श्याम भजन संध्या, 23 सितंबर को रात आठ बजे मैजिक शो होगा। 24 सितंबर को शाम चार बजे श्री सत्यनारायण की महा पूजा होगी। रात आठ बजे महाप्रसाद वितरित होगा। उत्सव का समापन 25 सितंबर को दोपहर 12 बजे श्रीगणेश विसर्जन यात्रा के साथ होगा।
मंडल के सचिव प्रवीण राठोड़ ने बताया कि रजत जयंती वर्ष में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के साथ समाजोपयोगी गतिविधियों को भी प्रमुखता दी गई है। बच्चों और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष यशवंत पांचाल ने कहा कि 25वां गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, सहयोग और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का अवसर है। चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर, भजन संध्या, नृत्य-कला प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विसर्जन यात्रा के माध्यम से लोगों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।